ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / ताजा खबर / लेख विस्तार
ताजा खबर

ताजिकिस्तान में गूंजा राजस्थान की पर्यटन शिक्षा का विजन, कोटा विवि की प्रो. अनुकृति शर्मा ने रखा अंतरराष्ट्रीय रोडमैप

वंदत शहर के स्टैटिस्टिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को बताए यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र में करियर के अवसर

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
ताजिकिस्तान में गूंजा राजस्थान की पर्यटन शिक्षा का विजन, कोटा विवि की प्रो. अनुकृति शर्मा ने रखा अंतरराष्ट्रीय रोडमैप
ताजिकिस्तान में गूंजा राजस्थान की पर्यटन शिक्षा का विजन, कोटा विवि की प्रो. अनुकृति शर्मा ने रखा अंतरराष्ट्रीय रोडमैप
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा

राजस्थान की पर्यटन शिक्षा और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए कोटा विश्वविद्यालय के पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) अनुकृति शर्मा ने ताजिकिस्तान में शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने वंदत शहर स्थित स्टैटिस्टिकल कॉलेज में स्नातक स्तर के सांख्यिकी विद्यार्थियों को ‘यात्रा एवं पर्यटन में करियर के अवसर’ विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया। इस दौरान उन्होंने राजस्थान की पर्यटन शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता की संभावनाओं का रोडमैप प्रस्तुत किया।

प्रो. शर्मा ने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, आध्यात्मिक परंपराएं और विविध प्राकृतिक संपदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती हैं। राजस्थान के किले, महल, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और मरुस्थलीय पर्यटन इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान देते हैं।

उन्होंने पर्यटन को केवल भ्रमण और मनोरंजन तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, रोजगार, स्थानीय आर्थिक विकास और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जोड़ने पर जोर दिया। उनके अनुसार डिजिटल मार्केटिंग, आधुनिक तकनीक, सतत पर्यटन और अनुभव आधारित पर्यटन के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

प्रो. शर्मा ने राजस्थान में विरासत, ग्रामीण, इको-टूरिज्म, वेलनेस और सांस्कृतिक पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं, कुशल मानव संसाधन और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय प्रचार से प्रदेश की वैश्विक पर्यटन पहचान को और मजबूत किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संवाद को भारतीय उच्च शिक्षा और पर्यटन अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: