ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / खास खबर / लेख विस्तार
खास खबर

बैंक अधिकारियों के मुद्दों को लेकर वी बैंकर्स का कैंडल मार्च

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
बैंक अधिकारियों के मुद्दों को लेकर वी बैंकर्स का कैंडल मार्च
बैंक अधिकारियों के मुद्दों को लेकर वी बैंकर्स का कैंडल मार्च
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

कोटा, 2 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन, राजस्थान के तत्वावधान में गुरुवार को कोटा में कैंडल मार्च निकाला गया। जेडीबी सर्किल से शुरू हुआ मार्च नाग-नागिन मंदिर तक पहुंचा। इस दौरान बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवप्रकाश नागर ने बताया कि कैंडल मार्च का उद्देश्य बैंकों में बढ़ते कार्यदबाव, देर रात तक काम करने, अवकाश के दिनों में कार्यालय बुलाए जाने और इससे उत्पन्न मानसिक तनाव जैसे मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करना था। मार्च के दौरान हाल ही में सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले दो बैंक अधिकारियों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

संगठन ने बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों पर लगातार बढ़ते काम के दबाव और कार्य संस्कृति में बदलाव की आवश्यकता है। एसोसिएशन ने कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर भी मांगें रखीं।

पुरानी पेंशन और पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग

वी बैंकर्स ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों के हितों से जुड़ा मांग पत्र भी रखा। इसमें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन व भत्ते, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन में पारदर्शिता की मांग शामिल रही।

संगठन ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, एलएफसी और ग्रेच्युटी सीमा में वृद्धि, स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा बाल देखरेख, मातृत्व और पितृत्व अवकाश के नियमों को सुगम बनाने की मांग भी रखी।

इसके अलावा बैंक शाखाओं में तृतीय-पक्ष उत्पादों की जबरन बिक्री पर रोक, सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी की व्यवस्था, रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती तथा ठेका प्रथा पर रोक लगाने की मांग की गई। संगठन ने एकीकृत भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना के साथ पारदर्शी स्थानांतरण और निष्पक्ष पदोन्नति नीति की भी मांग की।

संगठन के प्रदेश समिति प्रतिनिधियों ने कहा कि मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने की स्थिति में आंदोलन को व्यापक स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया जा सकता है। कैंडल मार्च में कोटा मंडल के बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: