नागरिक अभिव्यक्ति. कोटा
मेरे लिए रेड क्रॉस कोई संस्था नहीं, बल्कि लोगों की पहली मानवीय सहायता प्रणाली है। मेरी कोशिश है कि दुर्घटना, बाढ़, महामारी या अस्पताल में रक्त की जरूरत जैसी हर स्थिति में मदद सबसे पहले रेड क्रॉस से पहुंचे। जिम्मेदारी संभालने के बाद जिला शाखाओं को मजबूत किया। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को गति दी। हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान पूरी तरह स्वैच्छिक रक्तदान पर आधारित राज्य बने, ताकि किसी मरीज की जान खून के अभाव में न जाए। कोरोना महामारी और कोटा की बाढ़ जैसे संकटों में रेड क्रॉस ने राहत सामग्री, प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास कार्यों के जरिए अपनी भूमिका निभाई। अब हमारा फोकस ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर है। इसके लिए स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और स्थानीय स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। अगले 5 वर्षों में मेरा विजन राजस्थान रेड क्रॉस को देश की सबसे सक्रिय और तकनीक-सक्षम राज्य इकाइयों में शामिल करना है। हर जिले में आधुनिक ब्लड बैंक व्यवस्था, मजबूत स्वयंसेवक नेटवर्क, प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया तंत्र और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा। मैं 2030 तक कोटा को शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों का संतुलित मॉडल शहर बनते देखना चाहता हूं, जहां विकास के साथ जीवन की गुणवत्ता भी सर्वोच्च हो। कोटा को ऐसा शहर बनाया जा सकता है, जहां विकास के साथ जीवन की गुणवत्ता भी सर्वोच्च स्तर पर हो।
