कोटा। वन्यजीव सप्ताह के तहत कोटा जिले में वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में ‘मुनिया वॉक’ और ‘सेव द फीमेल’ थीम पर विशेष सत्र हुआ, जबकि भैंसरोडगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में उदबिलाव एवं गिद्ध संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित की गई। आर्ट गैलरी में वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई।
अभेड़ा में मुनिया पक्षियों की प्रजातियों की दी जानकारी
अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में आयोजित ‘मुनिया वॉक’ के दौरान प्रतिभागियों को क्षेत्र में पाई जाने वाली मुनिया पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और उनके संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि अभेड़ा क्षेत्र में ट्राइ कलर मुनिया, व्हाइट थ्रोटेड मुनिया, स्केली ब्रेस्टेड मुनिया, रेड मुनिया और चेस्टनट मुनिया जैसी प्रजातियां पाई जाती हैं।
पक्षी विशेषज्ञ आर.एन.आर.एस. तोमर ने बताया कि मुनिया अपने आकर्षक रंगों के कारण लंबे समय से पिंजरे में रखे जाने वाले पक्षियों में शामिल रही है। इसके चलते इसके अवैध व्यापार की समस्या भी सामने आती रही है। उन्होंने मुनिया की ब्रीडिंग के दौरान पाए जाने वाले सेक्सुअल डाइमोर्फिज्म और ‘सेव द फीमेल’ के जैविक महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुनिया बीज-भक्षी पक्षी है और घास क्षेत्रों तथा ग्रीन एरिया में रहकर खरपतवार की आबादी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में एफडी एवं सीसीएफ वाइल्ड लाइफ अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क टी. मोहनराज, डीसीएफ वाइल्ड लाइफ अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क प्रमोद धाकड़, एसीएफ तथा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम मौजूद रही।
भैंसरोडगढ़ में उदबिलाव और गिद्ध संरक्षण पर चर्चा
भैंसरोडगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में वन भ्रमण के साथ उदबिलाव एवं गिद्ध संरक्षण को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें करीब 150 वन्यजीव प्रेमियों ने भाग लिया।
उदबिलाव विशेषज्ञ देवकी नंदन ने उदबिलाव के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। वहीं रंजना गुप्ता, अंशु एवं सोनल सिंह ने गिद्ध संरक्षण के सामने मौजूद चुनौतियों और पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्धों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
विद्यार्थियों ने वन्यजीव प्रश्नोत्तरी में लिया हिस्सा
वन्यजीव सप्ताह के तहत आर्ट गैलरी में वन्यजीव प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने वन्यजीव, पर्यावरण और जैव विविधता से जुड़ी अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रमों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने तथा जैव विविधता के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
