कोटा, 13 अगस्त 2026। विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चैप्टर (EBSR) की ओर से विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अंगदान एवं नेत्रदान जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया।
पोस्टर विमोचन के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अभियान का समर्थन करते हुए मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प-पत्र भरा। उन्होंने आमजन से भी अधिक से अधिक संख्या में नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन से अंधकार दूर कर उसे नई रोशनी देने का महान संकल्प है। मृत्यु के बाद भी हमारी आंखें किसी व्यक्ति की दुनिया को रोशन कर सकती हैं।
कार्यक्रम में आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. के.के. कंजोलिया, कोऑर्डिनेटर डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय, एग्जीक्यूटिव मेंबर डॉ. अमित सिंह राठौड़, कोटा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य वैद्य नित्यानंद शर्मा और आई टेक्नीशियन टिंकू ओझा सहित कई कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम की खास बात रही कि डॉ. सुरेश कुमार पाण्डेय ने अपने 58वें जन्मदिन पर नेत्रदान एवं अंगदान का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय यदि किसी के जीवन में आशा और रोशनी जोड़ने का संकल्प लिया जाए तो यह दिन और अधिक सार्थक बन सकता है।
डॉ. के.के. कंजोलिया और डॉ. पाण्डेय ने बताया कि प्रतिवर्ष 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2026 के जागरूकता संदेश “अंगदान के माध्यम से भय से आशा की ओर बढ़ना” के अनुरूप समाज में अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि एक मृतक अंगदाता हृदय, फेफड़े, लिवर, दोनों किडनी, अग्न्याशय और आंत जैसे महत्वपूर्ण अंग दान कर कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है। इसके अलावा कॉर्निया, त्वचा, हड्डी और हृदय वाल्व जैसे ऊतकों का दान भी कई लोगों के जीवन में बदलाव ला सकता है।
अभियान के दौरान लोगों ने नेत्रदान एवं अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, कोटा चैप्टर ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नेत्रदान का संकल्प लें, अपनी इच्छा परिवारजनों को बताएं और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
