कोटा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत तत्परता दिखाते हुए ट्रेन में मां से बिछड़े 11 माह के बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया। सवाई माधोपुर स्टेशन पर बच्चे की मां ट्रेन में सवार नहीं हो सकी, जबकि बच्चा और उसका सामान अवध एक्सप्रेस के सामान्य कोच में रह गया था। सूचना मिलते ही RPF ने अगले ठहराव स्टेशन लाखेरी पर बच्चे को सुरक्षित उतारने की व्यवस्था की।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि RPF सवाई माधोपुर के आरक्षक धीरपाल राठी को सूचना मिली थी कि अवध एक्सप्रेस के पीछे के सामान्य कोच में एक छोटा बच्चा मौजूद है, जबकि उसकी मां सवाई माधोपुर स्टेशन पर छूट गई है। सूचना मिलते ही लाखेरी स्टेशन पर तैनात RPF को मामले की जानकारी दी गई।
लाखेरी स्टेशन पर आरक्षक रामवीर सिंह ने अवध एक्सप्रेस के सामान्य कोच को अटेंड किया और 11 माह के बच्चे को उसके साथ मौजूद सामान सहित सुरक्षित ट्रेन से उतारा। इसके बाद सवाई माधोपुर RPF को बच्चे के सुरक्षित होने की सूचना दी गई।
बच्चे की मां बाद में इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी ट्रेन से लाखेरी पहुंची। बच्चे और ट्रेन में छूटे सामान की पहचान कराई गई। इसके बाद सहायक उप निरीक्षक भानूप्रताप सिंह ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्चे और सामान को सुरक्षित रूप से उसकी मां को सौंप दिया।
ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत लगातार कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल की ओर से ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिले या परिजनों से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित संरक्षण देने और उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी RPF की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाया गया।
