ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / खास खबर / लेख विस्तार
खास खबर

मां से बिछड़े 11 माह के बच्चे को RPF ने लाखेरी में सुरक्षित उतारा

सवाई माधोपुर स्टेशन पर मां ट्रेन में नहीं चढ़ सकी, बच्चा और सामान अवध एक्सप्रेस में रह गया; सूचना मिलते ही अगले स्टेशन लाखेरी पर RPF ने संभाला मोर्चा

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
मां से बिछड़े 11 माह के बच्चे को RPF ने लाखेरी में सुरक्षित उतारा
मां से बिछड़े 11 माह के बच्चे को RPF ने लाखेरी में सुरक्षित उतारा
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

कोटा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत तत्परता दिखाते हुए ट्रेन में मां से बिछड़े 11 माह के बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया। सवाई माधोपुर स्टेशन पर बच्चे की मां ट्रेन में सवार नहीं हो सकी, जबकि बच्चा और उसका सामान अवध एक्सप्रेस के सामान्य कोच में रह गया था। सूचना मिलते ही RPF ने अगले ठहराव स्टेशन लाखेरी पर बच्चे को सुरक्षित उतारने की व्यवस्था की।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि RPF सवाई माधोपुर के आरक्षक धीरपाल राठी को सूचना मिली थी कि अवध एक्सप्रेस के पीछे के सामान्य कोच में एक छोटा बच्चा मौजूद है, जबकि उसकी मां सवाई माधोपुर स्टेशन पर छूट गई है। सूचना मिलते ही लाखेरी स्टेशन पर तैनात RPF को मामले की जानकारी दी गई।

लाखेरी स्टेशन पर आरक्षक रामवीर सिंह ने अवध एक्सप्रेस के सामान्य कोच को अटेंड किया और 11 माह के बच्चे को उसके साथ मौजूद सामान सहित सुरक्षित ट्रेन से उतारा। इसके बाद सवाई माधोपुर RPF को बच्चे के सुरक्षित होने की सूचना दी गई।

बच्चे की मां बाद में इंदौर-जोधपुर इंटरसिटी ट्रेन से लाखेरी पहुंची। बच्चे और ट्रेन में छूटे सामान की पहचान कराई गई। इसके बाद सहायक उप निरीक्षक भानूप्रताप सिंह ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए बच्चे और सामान को सुरक्षित रूप से उसकी मां को सौंप दिया।

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत लगातार कार्रवाई

रेलवे सुरक्षा बल की ओर से ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिले या परिजनों से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित संरक्षण देने और उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी RPF की तत्परता से बच्चे को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचाया गया।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: