नागरिक अभिव्यक्ति । सुल्तानपुर
सुल्तानपुर। मोरपा गांव में साहित्य, लोक संस्कृति और समाजसेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। करसो खेत-खलिहान एवं स्वर्गीय जगन्नाथी बाई साहित्य समिति की ओर से आयोजित सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन में तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को कभी हंसाया तो कभी भावुक कर दिया। काव्यपाठ का सिलसिला देर रात दो बजे तक चला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरिशंकर मालव रहे, जबकि सीएल सांकला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता जगदीश भारती ने की। बारां से आए वरिष्ठ कवि भैरूलाल भास्कर ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
समारोह में स्वर्गीय जगन्नाथी बाई स्मृति सम्मान-2025 वरिष्ठ कवि भैरूलाल भास्कर को प्रदान किया गया। सम्मान पत्र का वाचन वरिष्ठ कवि सूरजमल मियाड़ा ने किया। स्वर्गीय जगन्नाथी बाई स्मृति सम्मान-2026 वरिष्ठ कवि-लेखक देवकी दर्पण को दिया गया, जिसका वाचन नंदू राजस्थानी ने किया। वहीं समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए महेंद्र यादव को परोपकारी सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। उनके सम्मान पत्र का वाचन महावीर रेनवाल ने किया। तीनों विभूतियों को साफा पहनाकर, शॉल, स्मृति चिह्न, सम्मान पत्र और नकद राशि भेंट कर सम्मानित किया गया।
कवि सम्मेलन में तेजकरण यादव ने पैरोडियों से शुरुआत कर श्रोताओं का मनोरंजन किया। सूरजमल मियाड़ा ने ‘काया सूंकी पीहर में’ रचना प्रस्तुत की, जबकि मुकुट मीणा ने बेटी पर मार्मिक गीत सुनाया। रोहित भार्गव ने आत्महत्या जैसे गंभीर विषय पर अपनी रचना के माध्यम से संवेदनशील संदेश दिया। मुकेश गौतम ने ‘मां-बाप घर में हैं तो चारों धाम हैं यहां’ पंक्तियों के साथ माता-पिता के सम्मान पर भावपूर्ण गीत सुनाया, जिसे श्रोताओं ने सराहा।
टोंक से आए ओज कवि नंदू राजस्थानी ने लोक मंथन से जुड़ी रचनाओं से समां बांधा। सुरेश यादव ने अपनी कविता के माध्यम से नारी सम्मान का संदेश दिया। महावीर रेनवाल ने ‘म्हारो ब्याहूं करा दे री, अरी म्हारी जीजी...’ सहित विभिन्न मुक्तकों के जरिए श्रोताओं को गुदगुदाया। वरिष्ठ कवि-लेखक देवकी दर्पण ने किसान की पीड़ा को स्वर देते हुए ‘म्हारो करसो छै रोट्यां को देवाळ...’ गीत प्रस्तुत किया, जिसे खूब सराहना मिली।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे जगदीश भारती ने फ्री टोल पर आधारित श्रृंगार रस की रचना सुनाई। भैरूलाल भास्कर ने ‘गोरी थांरा नैणा नशीला...’ रचना से तालियां बटोरीं। वरिष्ठ साहित्यकार सीएल सांकला ने अपनी विशिष्ट शैली में ‘केसर क्यारी’ रचना प्रस्तुत की। सीपी शर्मा, लक्ष्मीनारायण राठौर और ललित सिरोहिया ने भी काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन रोहित दाधीच और मुकेश गौतम ने किया। अंत में कार्यक्रम संयोजक महावीर रेनवाल ने अतिथियों, कवियों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति सदस्य महावीर सेन, हरिओम शर्मा सहित सैकड़ों साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।
