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चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए बूंदी एकजुट, 6 अक्टूबर को बंद का ऐलान

12 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध जनआंदोलन का निर्णय; 5 अक्टूबर को बाजारों में प्रतीकात्मक चंदा अभियान, दोपहर 1 बजे PMO को सौंपेंगे राशि

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चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए बूंदी एकजुट, 6 अक्टूबर को बंद का ऐलान
चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए बूंदी एकजुट, 6 अक्टूबर को बंद का ऐलान
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नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी। जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार, मरीजों को समय पर उपचार एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा गंभीर मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर शनिवार को आयोजित महाबैठक में बूंदी के सामाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े सैकड़ों नागरिक एकजुट हुए। बैठक में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद 12 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध जनआंदोलन का निर्णय लिया गया।

बैठक का सामूहिक संचालन संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा एवं सचिव प्रशांत मोदी ने किया। महासंघ पदाधिकारियों ने बैठक के बाद जारी प्रेस नोट में कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि बूंदी के प्रत्येक नागरिक को समय पर, सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

जनहित की प्रमुख मांगें

बैठक में जिला अस्पताल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर निम्न मांगें रखी गईं—

1. स्व. अशोक गुप्ता प्रकरण की निष्पक्ष जांच:** मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक स्तर पर जांच कराई जाए और जिम्मेदारी सामने आने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो। पूर्व विधायक अशोक डोगरा ने निष्पक्ष जांच की मांग रखी। वहीं पूर्व सभापति महावीर मोदी, अभिभाषक परिषद अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ एवं इंदिरा मार्केट व्यापार संघ अध्यक्ष विजय प्रकाश जैन ने पीएमओ को हटाने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी।

2. कार्डियोलॉजिस्ट एवं न्यूरोलॉजिस्ट की नियुक्ति: जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजी यूनिट शुरू करने के साथ कार्डियोलॉजिस्ट एवं न्यूरोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाए। मेडिकल कॉलेज से आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की ड्यूटी भी जिला अस्पताल में सुनिश्चित की जाए। यह मांग सुरेश अग्रवाल, गौरव शर्मा एवं चर्मेश शर्मा ने रखी।

3. प्रसूताओं की मृत्यु के मामलों की जांच: प्रसूताओं की मृत्यु के मामलों की गहन चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक जांच कराई जाए। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई हो तथा प्रसूति सेवाओं की तत्काल समीक्षा की जाए। यह मांग हरीश कुमार बिलोची, संतोष कटार एवं बुद्धि प्रकाश सोमाणी ने रखी।

4. 24 घंटे वरिष्ठ चिकित्सकों की उपलब्धता: आपातकाल में वरिष्ठ चिकित्सकों की अनुपस्थिति रोकने के लिए डिजिटल या ऑनलाइन रोस्टर सार्वजनिक किया जाए, ताकि ड्यूटी और उपस्थिति में पारदर्शिता बनी रहे। यह मांग रुपेश शर्मा, निशांत नुवाल एवं अजय गोयल ने रखी।

नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने कहा कि चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए जनहित में उठाए जाने वाले प्रत्येक कदम में वे साथ खड़े रहेंगे।

5. आधुनिक इमरजेंसी एवं CCU यूनिट: जिला अस्पताल में अलग और आधुनिक इमरजेंसी यूनिट विकसित की जाए तथा प्रथम चरण में कम से कम चार पूर्ण सुसज्जित इमरजेंसी बेड शुरू किए जाएं। यह मांग पुरम चंद गुरबानी, मानस जैन एवं लोकतंत्र गुर्जर ने रखी। वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष टीकम जैन ने इमरजेंसी में आने वाली सामग्री की नियमित जांच तथा लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत चिकित्सकों के स्थानांतरण की मांग भी रखी।

6. 24x7 जीवनरक्षक सुविधाएं: ECG, ऑक्सीजन, मॉनिटरिंग एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं हर समय उपलब्ध रहें और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक तत्काल मिलें। यह मांग बृजपाल बाथम, रेड क्रॉस सोसायटी सचिव अशोक विजय एवं पूर्व सभापति भगवान लाडला ने रखी।

7. अस्पताल की उच्चस्तरीय निगरानी: अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपकरणों, दवाओं और स्टाफ की नियमित समीक्षा के साथ औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। यह मांग गोपेश वरयानी, रियाज अली एवं भानु प्रताप डिंगल ने रखी।

8. सर्पदंश उपचार की पर्याप्त व्यवस्था: सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक उपचार और दवाएं हर समय उपलब्ध रहें। यह मांग सुनील हाड़ौती एवं ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन सचिव अजय कुमार शर्मा ने रखी।

9. RGHS एवं पेंशनर सुविधाएं सुचारू हों: पात्र मरीजों को RGHS और पेंशनर योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं हो तथा संबंधित सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जाएं। यह मांग जिला पेंशनर अध्यक्ष घनश्याम दुबे एवं अभयदेव शर्मा ने रखी।

10. पार्किंग में निर्धारित शुल्क: पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए और निर्धारित एवं उचित शुल्क ही लिया जाए। मरीजों और उनके परिजनों के साथ व्यवहार में सुधार सुनिश्चित किया जाए। यह मांग कांग्रेस शहर अध्यक्ष शैलेश सोनी एवं ई-मित्र संगठन के संदीप श्रृंगी ने रखी।

11. ब्लड सेपरेशन मशीन एवं SDP सुविधा: ब्लड सेपरेशन मशीन को सुचारू रूप से शुरू कर डेंगू एवं गंभीर मरीजों के लिए SDP सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यह मांग मानव सेवा समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश खोईवाल, भारत विकास परिषद के रमेश गहलोत एवं बूंदी जिला कौमी एकता सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष पीरजादा अब्दुल शकूर कादरी ने रखी।

12. 11 सदस्यीय निगरानी टीम: अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं संभावित अव्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 11 सदस्यों की टीम गठित की जाए, जो समय-समय पर स्थिति का जायजा लेकर जिला कलक्टर को रिपोर्ट उपलब्ध कराए।

5 अक्टूबर को होगा प्रतीकात्मक चंदा अभियान

बैठक में निर्णय लिया गया कि सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को शहर के प्रमुख बाजारों में व्यापारिक संगठनों की ओर से चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक चंदा अभियान चलाया जाएगा। एकत्रित राशि को दोपहर 1 बजे पीएमओ को सौंपा जाएगा।

आयोजकों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य शासन-प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करना है कि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना व्यवस्था की जिम्मेदारी है और जनता को इसके लिए चंदा एकत्र करने की स्थिति नहीं आनी चाहिए।

6 अक्टूबर को बूंदी बंद

बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को बूंदी बंद रखा जाएगा। संयुक्त व्यापार महासंघ ने बूंदी के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों, युवा संगठनों और आम नागरिकों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन में सहभागी बनने की अपील की।

बैठक में मौजूद नागरिकों ने एक स्वर में कहा कि चिकित्सा सुविधा किसी पर एहसान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए अब जनदबाव बढ़ाने और चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है।

विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष प्रेम प्रकाश एवरग्रीन, कार्यकारी अध्यक्ष पीतांबर शर्मा एवं सचिव प्रशांत मोदी ने कहा कि बूंदी की यह आवाज अब किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों के जिम्मेदार लोगों ने एक मंच पर आकर जनहित की मांगों का समर्थन किया है।

बैठक में जनरल मर्चेंट एसोसिएशन अध्यक्ष नीरज भार्गव, भंवर सिंह, सदर बाजार व्यापार संघ अध्यक्ष अनिल नंदवाना, राकेश जैन, अशोक अजमानी, दिनेश बिलोची, भानु जैन, निरंजन जिंदल, नवीन जैन, भारत विकास परिषद के आलोक नाटेकर, मुरली मनोहर माथुर, नारायण सिंह गौड़, ऑटोमोबाइल्स से राजकुमार झंवर, सर्व ब्राह्मण महासभा के पीयूष शर्मा, विकास सनाढ्य, रवि कुमार गोंद, हिमांशु जैन, उमेश खत्री सहित अनेक जिम्मेदार नागरिक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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