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70वीं राज्य स्तरीय 14 वर्षीय जूडो प्रतियोगिता का भव्य समापन, विजेताओं को मिला सम्मान

छह दिवसीय प्रतियोगिता में प्रदेश की 14 टीमों के करीब 100 खिलाड़ियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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70वीं राज्य स्तरीय 14 वर्षीय जूडो प्रतियोगिता का भव्य समापन, विजेताओं को मिला सम्मान
70वीं राज्य स्तरीय 14 वर्षीय जूडो प्रतियोगिता का भव्य समापन, विजेताओं को मिला सम्मान
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नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा, 3 अक्टूबर। तनिष्क एजुकेशन वेलफेयर सोसायटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आकाशवाणी, कोटा की ओर से आयोजित छह दिवसीय 70वीं राज्य स्तरीय 14 वर्षीय जूडो प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता 28 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की 14 टीमों के करीब 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

समापन समारोह की अध्यक्षता राजस्थान कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में विशाल शर्मा, युवराज सुवालका एवं वीरेन्द्र सिंह राठौड़ मौजूद रहे।

जमीन से जुड़ा खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करता है : राजेश कृष्ण बिरला

समारोह के मुख्य वक्ता राजेश कृष्ण बिरला ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खिलाड़ी जितना जमीन से जुड़ा रहता है, उसका प्रदर्शन उतना ही बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि जूडो खिलाड़ियों को तकनीक, संतुलन और आत्मविश्वास के साथ चुनौती का सामना करना सिखाता है। बड़े से बड़ा प्रतिद्वंद्वी भी सही तकनीक और संतुलन से हराया जा सकता है।

बच्चों को मोबाइल से निकालकर मैदान से जोड़ना जरूरी : राजीव दत्ता

अध्यक्षीय उद्बोधन में राजीव दत्ता ने कहा कि बच्चा खेल मैदान में जितना पसीना बहाता है, उतना ही सफलता की दिशा में आगे बढ़ता है। वर्तमान समय में बच्चों को मोबाइल से दूर कर खेल मैदान से जोड़ना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए बच्चों में मानसिक मजबूती, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है।

खेलों से होता है विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास : सोनिया राठौड़

संस्था की डायरेक्टर एवं कार्यक्रम संयोजक सोनिया राठौड़ ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से अनुशासन की भावना विकसित होती है और विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता तथा आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।

समारोह के अंत में विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजन सह-संयोजक भानु प्रताप सुमन, खेलप्रेमी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम

छात्रा वर्ग

23 किग्रा: प्रीति कौर (श्रीगंगानगर) प्रथम, कल्पना (चूरू) द्वितीय।

27 किग्रा: रक्षिता (टोंक) प्रथम, दीपिका (बालोतरा) द्वितीय।

32 किग्रा: लक्ष्मी (हनुमानगढ़) ने स्वर्ण पदक जीता।

36 किग्रा: कनिष्क कुंवर (टोंक) ने स्वर्ण पदक जीता।

44 किग्रा: प्रिय सैनी (टोंक) प्रथम, ममता (नागौर) द्वितीय।

44 किग्रा से अधिक: भावना विश्नोई (भीलवाड़ा) प्रथम, तनु गुर्जर (अजमेर) द्वितीय।

छात्र वर्ग

25 किग्रा: रंजीत (चूरू) स्वर्ण, पवन माली (भीलवाड़ा) रजत।

30 किग्रा: यथार्थ सुमन (कोटा) प्रथम, अमित (श्रीगंगानगर) द्वितीय।

45 किग्रा: धर्मेश (भीलवाड़ा) प्रथम, विकास (नागौर) द्वितीय।

50 किग्रा: फैजान (ब्यावर) और उमेश चौधरी (जोधपुर) ने अपने-अपने भारवर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया।

प्रतियोगिता परिणामों का प्रारूप एकसमान करेंसमाचार में अनावश्यक दोहराव कम करें

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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