जयपुर। राजस्थान में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की 85 प्रतिशत स्टेट कोटा सीटों पर चल रही NEET UG काउंसलिंग अब तीसरे चरण में पहुंच गई है। मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड, जयपुर की ओर से राउंड-3 का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 9 अक्टूबर को जारी किया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों के लिए फाइनल अलॉटमेंट सूची 10 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
काउंसलिंग के इस चरण में उम्मीदवारों को सीट स्वीकार करने और जॉइनिंग को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। बोर्ड के नियमों के मुताबिक राउंड-3 में मिली सीट को जॉइन नहीं करने पर अभ्यर्थी को आर्थिक नुकसान के साथ अगले चरण में बाहर भी होना पड़ सकता है।
राउंड-3 की सीट छोड़ी तो सिक्योरिटी राशि नहीं मिलेगी
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के मुताबिक तीसरे राउंड में सीट मिलने के बाद यदि उम्मीदवार संबंधित एमबीबीएस या बीडीएस सीट पर प्रवेश नहीं लेता है, तो जमा की गई सिक्योरिटी मनी जब्त की जा सकती है।
इसके अलावा ऐसे अभ्यर्थियों को स्ट्रे-वैकेंसी राउंड में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। इसलिए राउंड-3 में सीट मिलने के बाद उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग और एडमिशन से जुड़े निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
तीसरे चरण के बाद सीट अपग्रेड करने का मौका नहीं
काउंसलिंग प्रक्रिया में सीट अपग्रेडेशन को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अपग्रेडेशन का विकल्प राउंड-3 तक ही उपलब्ध रहेगा। इसके बाद किसी अन्य राउंड में सीट को अपग्रेड कराने का विकल्प नहीं मिलेगा।
इस वजह से राउंड-3 का अलॉटमेंट उम्मीदवारों के लिए खास महत्व रखता है।
कैटेगरी में बदलाव से खाली सीटों पर बढ़ सकती है दावेदारी
काउंसलिंग बोर्ड ने PwD, NRI, Gender Pool और Non-Domicile जैसी श्रेणियों की खाली सीटों को लेकर कैटेगरी परिवर्तन से संबंधित प्रावधान भी जारी किए हैं।
सीट मैट्रिक्स में खाली सीटों की संख्या को देखते हुए माना जा रहा है कि पात्र उम्मीदवारों के लिए इस चरण में मेडिकल कॉलेज की सीट हासिल करने के कुछ अतिरिक्त अवसर बन सकते हैं। हालांकि वास्तविक अलॉटमेंट संबंधित नियमों, मेरिट और उपलब्ध सीटों के आधार पर ही होगा।
सरकारी कॉलेजों में 231 MBBS सीटें खाली
मौजूदा सीट मैट्रिक्स के मुताबिक राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 2,274 MBBS सीटों में से 231 सीटें अभी खाली हैं।
इसके अलावा RUHS, CMS और राजमेस से जुड़े संस्थानों में उपलब्ध 991 मैनेजमेंट MBBS सीटों में से 57 सीटें खाली बताई गई हैं।
NRI कोटे की 317 सीटें खाली
सबसे बड़ा बदलाव NRI कोटे की सीटों में दिखाई दे रहा है। कुल 468 NRI MBBS सीटों में से 317 सीटें खाली हैं।
यदि नियमों के अनुसार इन सीटों का कैटेगरी कन्वर्जन होता है, तो अन्य पात्र श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए भी इन सीटों पर प्रवेश का रास्ता खुल सकता है।
खास तौर पर यदि NRI कोटे की खाली सीटें सामान्य या अन्य निर्धारित श्रेणियों में ट्रांसफर होती हैं, तो स्टेट मेरिट में शामिल अभ्यर्थियों के लिए MBBS सीट मिलने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
उम्मीदवार इन तारीखों पर रखें नजर
- 9 अक्टूबर: राउंड-3 प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट
- 10 अक्टूबर: फाइनल सीट अलॉटमेंट सूची
- राउंड-3 के बाद: सीट अपग्रेडेशन का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा
- सीट जॉइन नहीं करने पर: नियमों के अनुसार सिक्योरिटी राशि जब्त और स्ट्रे-वैकेंसी राउंड से बाहर किए जाने का प्रावधान
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद बोर्ड की ओर से दिए गए रिपोर्टिंग, फीस और जॉइनिंग संबंधी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
