बूंदी, 11 अक्टूबर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माय भारत बूंदी के तत्वावधान में राजकीय महाविद्यालय बूंदी की ई-क्लास में ब्लॉक स्तरीय नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं के सर्वांगीण विकास, देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व, नशामुक्ति और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान 100 से अधिक युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य राहुल सक्सेना ने की, जबकि संचालन माय भारत के युवा स्वयंसेवक गोविंद प्रजापत ने किया। युवा संसद में वक्ता के रूप में प्रो. दिलीप कुमार राठौड़, डॉ. आशुतोष बिरला, डॉ. हीना अगवान और सहायक आचार्य कृष्ण कांत राठौर मंचासीन रहे।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका
डॉ. आशुतोष बिरला ने ‘देशभक्ति और युवा’ विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया
सहायक आचार्य कृष्ण कांत राठौर ने युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि विकास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास भी आवश्यक है। युवा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
डिजिटल साक्षरता और नशामुक्ति पर जोर
प्रो. दिलीप कुमार राठौड़ ने डिजिटल साक्षरता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए तकनीक के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों का उपयोग जागरूकता और विकास के लिए करने की बात कही।
वहीं, डॉ. हीना अगवान ने ‘नशामुक्त युवा’ विषय पर कहा कि नशा ऐसी समस्या है, जिसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी पड़ता है। नशे के कारण गरीबी, अपराध और बीमारियों जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
100 से अधिक युवाओं ने ली शपथ
नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से युवाओं को व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जिम्मेदारियों और समकालीन चुनौतियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान माय भारत के स्वयंसेवक अजय प्रजापत और लखन प्रजापत ने 100 से अधिक युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। अंत में युवा स्वयंसेवक गोविंद प्रजापत ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
