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ERCP के पहले बांध नोनेरा-ऐबरा में बढ़ा जलभराव, 5 गेट खोलकर कालीसिंध नदी में छोड़ा पानी

लगातार हो रही बारिश के बीच 40 क्यूसेक पानी की निकासी; कालीसिंध और चंबल किनारे बसे गांवों को सतर्क किया, लोगों से नदी से दूर रहने की अपील

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विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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ERCP के पहले बांध नोनेरा-ऐबरा में बढ़ा जलभराव, 5 गेट खोलकर कालीसिंध नदी में छोड़ा पानी
ERCP के पहले बांध नोनेरा-ऐबरा में बढ़ा जलभराव, 5 गेट खोलकर कालीसिंध नदी में छोड़ा पानी
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इटावा (कोटा)। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के पहले प्रमुख बांध नोनेरा-ऐबरा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश और पानी की आवक बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने बांध के 5 गेट खोल दिए हैं। इन गेटों के जरिए करीब 40 क्यूसेक पानी कालीसिंध नदी में छोड़ा जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ समय से बांध के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश हो रही है। इसके चलते जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए पानी की निकासी शुरू की गई है। अधिकारियों की ओर से बांध से निकलने वाले पानी और नदी के बहाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

कालीसिंध नदी में बढ़ेगा पानी का प्रवाह

नोनेरा-ऐबरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद कालीसिंध नदी के प्रवाह में बढ़ोतरी होगी। ऐसे में नदी के आसपास बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने कालीसिंध और चंबल नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को अलर्ट किया है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के पानी के नजदीक न जाएं और बच्चों तथा मवेशियों को भी नदी किनारे जाने से रोकें।

नदी से दूरी बनाए रखने की अपील

विभाग की ओर से लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और जलस्तर में बदलाव की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

नोनेरा-ऐबरा बांध को ERCP का पहला प्रमुख बांध माना जाता है। कालीसिंध नदी पर बने इस बांध में पानी रोकने और नियंत्रित तरीके से आगे प्रवाहित करने की व्यवस्था की गई है। बांध की क्षमता और गेट संचालन की जानकारी पहले भी परियोजना के परीक्षण के दौरान सामने आ चुकी है।

फिलहाल बांध से 5 गेटों के जरिए पानी की निकासी जारी है और विभाग की नजर जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश तथा पानी की आवक पर बनी हुई है। हालात के अनुसार गेटों से पानी की निकासी को आगे घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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