बूंदी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की चार सदस्यीय टीम का रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के जंगलों का दौरा दूसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। टीम ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ बफर जोन के विभिन्न वन क्षेत्रों का निरीक्षण कर जैवविविधता, बाघों की स्थिति और वन्यजीव संरक्षण के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया।
टीम ने दुर्वासा महादेव, कालदां माताजी, दूधिया महादेव, खीण्या, भीमलत महादेव और बाणगंगा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी, उनकी मॉनिटरिंग और वन्यजीव सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से निगरानी व्यवस्था तथा वन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान टाइगर मॉनिटरिंग, वन्यजीव सुरक्षा, रिजर्व प्रबंधन, वन विभाग की चौकियों और सुरक्षा संसाधनों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही कोर क्षेत्र से गांवों के विस्थापन तथा एनटीसीए के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किए जा रहे कार्यों का भी मूल्यांकन किया गया।
टीम में सेवानिवृत्त पीसीसीएफ आलोक कुमार सहित एनटीसीए के विशेषज्ञ शामिल रहे। निरीक्षण और मूल्यांकन के आधार पर टाइगर रिजर्व की रैंकिंग निर्धारित की जाएगी।
इस दौरान टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट, उपवन संरक्षक (कोर) अरुण कुमार डी., उपवन संरक्षक (बफर) आलोकनाथ गुप्ता, सहायक वन संरक्षक हरि सिंह हाड़ा, नवीन नारायणा, सुनील धाभाई, रामगढ़ रेंजर सुमित कन्नौजिया, हिंडोली रेंजर कैलाश शर्मा और भोपतपुरा रेंजर जनक सिंह मौजूद रहे।
रविवार से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व का दौरा
एनटीसीए की टीम रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के दो दिवसीय दौरे के बाद रविवार से मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के जंगलों का निरीक्षण और मूल्यांकन करेगी। इसके बाद मूल्यांकन के आधार पर हाड़ौती के दोनों टाइगर रिजर्व की रैंकिंग निर्धारित की जाएगी।
