ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / ताजा खबर / लेख विस्तार
ताजा खबर

प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, पंकज मेहता बोले- राजनीतिक मर्यादा बनाए रखें

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा- मोदी की लोकप्रियता कांग्रेस को नहीं आ रही रास, महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर होनी चाहिए बहस

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, पंकज मेहता बोले- राजनीतिक मर्यादा बनाए रखें
प्रधानमंत्री पर टिप्पणी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर निशाना, पंकज मेहता बोले- राजनीतिक मर्यादा बनाए रखें
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा

कोटा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने बयान को कांग्रेस की संकीर्ण राजनीतिक सोच का परिचायक बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के बावजूद सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और उनकी लोकप्रियता कांग्रेस को रास नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों, फैसलों और कामकाज पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन असहमति तथ्यों और तर्कों के आधार पर व्यक्त की जानी चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियों से राजनीतिक संवाद की गरिमा प्रभावित होती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि जनता के सामने वैकल्पिक नीतियां और समाधान रखना भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तर्क कमजोर पड़ते हैं, तब कुछ नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लेते हैं। स्वस्थ लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई विचारों से लड़ी जानी चाहिए, न कि अमर्यादित भाषा से।

मेहता ने कांग्रेस नेतृत्व से आत्ममंथन करने को कहा। उन्होंने कहा कि महंगाई, रोजगार, विकास और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर सार्थक बहस होनी चाहिए। राजनीतिक मतभेदों के बीच भी संवाद की मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खड़गे पहले भी कई बार अमर्यादित टिप्पणियां कर चुके हैं और कांग्रेस नेतृत्व को अपने नेताओं की बयानबाजी पर विचार करना चाहिए।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: