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विपक्ष का प्रदर्शन लोकतंत्र बचाने के नाम पर राजनीतिक ड्रामा : पंकज मेहता

कहा- संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार प्रदर्शन के जरिए दबाव बनाने की कोशिश लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं

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विपक्ष का प्रदर्शन लोकतंत्र बचाने के नाम पर राजनीतिक ड्रामा : पंकज मेहता
विपक्ष का प्रदर्शन लोकतंत्र बचाने के नाम पर राजनीतिक ड्रामा : पंकज मेहता
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कोटा। नागरिक अभिव्यक्ति। भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों की ओर से दिल्ली में किए जा रहे प्रदर्शन को राजनीतिक हताशा और जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर बिना ठोस आधार के गंभीर आरोप लगाना और दबाव बनाने की राजनीति करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

पंकज मेहता ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगातार सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का विश्वास हासिल करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। यदि किसी दल को चुनाव प्रक्रिया से संबंधित कोई आपत्ति या शिकायत है तो देश में इसके लिए संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन के माध्यम से संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाने का प्रयास उचित नहीं है। राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और उसके पदाधिकारियों पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर मेहता ने कहा कि आरोपों को प्रमाण और तथ्यों के साथ सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल राजनीतिक मंच से आरोप लगाने से किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास मतदाता सूची या चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस तथ्य हैं तो उन्हें चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का रास्ता भी खुला है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रदर्शन कर संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश गलत है।

मेहता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने विभिन्न चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपना निर्णय दिया है। विपक्ष को जनादेश का सम्मान करते हुए आत्ममंथन करना चाहिए।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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