कोटा, 19 सितंबर। प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) शाखा कोटा-बूंदी का संयुक्त जिला स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन 18 एवं 19 सितंबर को शगुन रिसॉर्ट, बोरखेड़ा, कोटा में आयोजित हुआ। अधिवेशन में शिक्षकों के शैक्षिक, व्यावसायिक और सेवा संबंधी विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा सहकारी 696 कोटा-बारां के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल तथा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, कोटा रामचरण मीणा रहे। अध्यक्षता प्राथमिक अध्यापक संघ लेवल प्रथम के प्रदेश कोषाध्यक्ष इंद्रजीत चौधरी ने की। पूर्व सीबीईओ सांगोद रामावतार रावल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
संगठन की एकजुटता से समस्याओं के समाधान पर जोर
मुख्य अतिथि प्रकाश जायसवाल ने शिक्षक संगठन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने तथा उनके समाधान के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने शिक्षकों से संगठन की एकजुटता बनाए रखने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रामचरण मीणा ने शिक्षक हित में संगठन की ओर से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके सुझाव एवं अनुभव शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि रामावतार रावल ने शिक्षकों के कर्तव्यों एवं दायित्वों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
बीएसटीसी शिक्षकों की पदोन्नति सहित विभिन्न मांगें उठीं
अध्यक्षीय संबोधन में प्रदेश कोषाध्यक्ष इंद्रजीत चौधरी ने संगठन की गतिविधियों और शिक्षक हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बीएसटीसी धारी लेवल प्रथम शिक्षकों को अनुभव के आधार पर पदोन्नति देने, बी.एड. इंटर्नशिप के दौरान वेतन कटौती के आदेश वापस लेने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण शीघ्र खोलने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने जैसी मांगें प्रमुखता से उठाईं।
अधिवेशन में इन मांगों को लेकर संगठन की ओर से प्रभावी स्तर पर प्रयास जारी रखने और शिक्षकों के हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने पर जोर दिया गया।
संगठनात्मक स्तर पर मनोनयन का प्रस्ताव
अधिवेशन के दौरान संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सम्मेलन में संभाग अध्यक्ष पद के लिए रेवती रमण नागर, कोटा जिलाध्यक्ष पद के लिए रविन्द्र पाल तथा झालावाड़ जिलाध्यक्ष पद के लिए अक्षय नागर को मनोनीत किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
पर्यावरण प्रेमी एवं पारिवारिकी वानिकी कोटा संभाग संयोजक भुवनेश मालव ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों में पर्यावरण और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पदाधिकारियों ने जताया आभार
अधिवेशन में कोटा जिला अध्यक्ष रेवती रमण नागर एवं बूंदी जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने अतिथियों तथा विभिन्न स्थानों से पहुंचे शिक्षक साथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन महिला अध्यक्ष पूजा झाम ने किया।
सम्मेलन की व्यवस्थाओं में संपूर्ण जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने सहयोग किया। कोष संबंधी व्यवस्थाओं का प्रबंधन कोषाध्यक्ष जितेंद्र मीणा ने किया, जबकि मंच व्यवस्था पवन, अरविंद मेहता, संभाग उपाध्यक्ष सत्यवत पारेता और उनकी टीम ने संभाली।
अधिवेशन में शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षक हित से जुड़े विषयों पर सामूहिक चर्चा की। साथ ही संगठन को अधिक मजबूत, सक्रिय और एकजुट बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया।
