नागरिक अभिव्यक्ति | दीगोद
केंद्र सरकार ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं, सरसों, चना, मसूर, जौ और कुसुम की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने को मंजूरी दी है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान और विशेषकर हाड़ौती के किसानों को संबल मिलेगा।
नागर के अनुसार, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में गेहूं, सरसों और चने की खेती बड़े पैमाने पर होती है। एमएसपी में बढ़ोतरी से इन फसलों के उत्पादकों को लाभकारी मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
नई दरों में गेहूं का एमएसपी 25 रुपए बढ़कर 2,610 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। सरसों का समर्थन मूल्य 413 रुपए बढ़कर 6,613 रुपए, मसूर का 390 रुपए बढ़कर 7,390 रुपए और जौ का 136 रुपए बढ़कर 2,286 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। चने का एमएसपी 83 रुपए की वृद्धि के साथ 5,958 रुपए और कुसुम का 675 रुपए बढ़कर 7,215 रुपए प्रति क्विंटल होगा। कुसुम में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है।
सरकारी अनुमान के अनुसार, उत्पादन लागत के मुकाबले गेहूं के एमएसपी में 106 प्रतिशत, सरसों में 96 प्रतिशत, मसूर में 92 प्रतिशत और चने में 59 प्रतिशत का अंतर रहेगा।
नागर ने कहा कि केंद्र सरकार दालों और तिलहनों को प्रोत्साहन देकर किसानों को फसल विविधीकरण के अवसर दे रही है। उन्होंने इसे किसान हित में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि हाड़ौती के हजारों किसान परिवारों को इससे सहारा मिलने की उम्मीद है।
