नागरिक अभिव्यक्ति @ जयपुर
राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत 16 अधिकारियों के सामने अब प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सुशासन की अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती होगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को नागरिकों का जीवन सुगम बनाने, तकनीक के प्रभावी उपयोग और जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ‘मैक्सिमम गवर्नेंस–मिनिमम गवर्नमेंट’ की अवधारणा के अनुरूप शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना जरूरी है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पदोन्नति की बधाई देते हुए जनहित की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
बैठक में जन शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को समझने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन सचिवालय स्थित संपर्क कॉल सेंटर का दौरा करने तथा वहां प्राप्त परिवेदनाओं की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के निर्देश दिए। साथ ही 10 प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का सुझाव दिया, ताकि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया और उसकी प्रभावशीलता को समझा जा सके।
अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए मिशन कर्मयोगी के बिहेवियरल कॉम्पिटेंस और लीडरशिप मॉड्यूल के पाठ्यक्रम पूरे करने को भी कहा गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (प्रशिक्षण) श्रेया गुहा ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में कार्मिक विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह, संयुक्त शासन सचिव धीरज कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
