नागरिक अभिव्यक्ति @ जयपुर
वाणिज्यिक कर विभाग ने कर अपवंचना, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी), बिना बिल कारोबार और फर्जी बिलिंग के खिलाफ प्रदेश के सात प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। 18 सितंबर को हुए सर्वे और निरीक्षण में प्रथम दृष्टया 159.95 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी सामने आई।
संबंधित करदाताओं ने स्वैच्छिक रूप से 70.59 लाख रुपए जमा कराए। कोटा के गुलाब ट्रेडर्स में बिना वास्तविक माल आपूर्ति के टैक्स इनवॉइस जारी करने का मामला सामने आया। यहां करीब 40 लाख रुपए की संभावित देनदारी आंकी गई है। जयपुर के प्रथम मोबिटल प्राइवेट लिमिटेड में ब्लॉक क्रेडिट और आईटीसी रिवर्सल की जांच में 21.60 लाख रुपए की संभावित देनदारी मिली।
अजमेर के अर्श फैशन कॉउचर एलएलपी में घोषित स्टॉक से अधिक माल मिलने पर रिकॉर्ड जब्त किए गए। बोरावड़ में विनोद कुमार अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर बिना उचित बिल खरीद-बिक्री और केकड़ी की विजय मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में स्टॉक व टर्नओवर संबंधी अनियमितताओं की जांच हुई। विभाग के अनुसार विस्तृत जांच के बाद वास्तविक देनदारी के आधार पर आगे कार्रवाई
