नागरिक अभिव्यक्ति @ राजस्थान
जयपुर। दिवाली से पहले राजस्थान के सरकारी स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। ‘विद्यालय सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव 2026’ के तहत 22 अक्टूबर से 3 नवंबर तक विद्यालय परिसरों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 6 नवंबर से दीपोत्सव तक स्कूलों में रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार ने इस संबंध में प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
अभियान में केवल भवनों की सफाई ही नहीं, बल्कि स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया है। कक्षा-कक्षों, खेल मैदानों, शौचालयों और पेयजल स्थलों के आसपास विशेष सफाई कराई जाएगी। इसके लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामवासियों की भागीदारी से सामूहिक श्रमदान कराने को कहा गया है। स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी और स्थानीय सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ने के निर्देश हैं।
टूटे फर्नीचर का होगा निस्तारण
विद्यालयों में अनुपयोगी फर्नीचर और अन्य सामग्री का नियमानुसार निस्तारण या नीलामी की जाएगी। जरूरत के अनुसार रंग-रोगन और मरम्मत के काम भी होंगे। जिन स्कूलों में शौचालय जैसी सुविधाओं की मरम्मत की आवश्यकता है, वहां नियमानुसार समसा की कंपोजिट ग्रांट से काम कराया जा सकेगा। इससे विद्यालयों की साफ-सफाई के साथ जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास होगा।
6 नवंबर से होगी रोशनी की व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने 6 नवंबर से दीपोत्सव तक सभी राजकीय विद्यालयों में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य स्कूल परिसरों को आकर्षक बनाने के साथ विद्यार्थियों में अपने विद्यालय के प्रति गौरव और अपनत्व की भावना बढ़ाना है। अभियान के तहत जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को कार्यों का समन्वय करने और निर्धारित समयसीमा में निर्देशों की पालना कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
नियमों के तहत होंगे सभी कार्य
अभियान के दौरान सफाई, मरम्मत, सौंदर्यीकरण और सामग्री के निस्तारण से जुड़े कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों, राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 तथा संबंधित नियमों और वित्तीय एवं लेखा प्रावधानों के अनुसार करने होंगे। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के स्कूलों में काम की निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।
शिक्षा विभाग की इस पहल में विद्यालयों को केवल दीपावली के लिए सजाने के बजाय उनकी स्वच्छता और रखरखाव सुधारने पर भी जोर है। अभियान कितना प्रभावी रहता है, यह तय समय में पूरे होने वाले कामों और स्कूलों में साफ-सफाई व सुविधाओं में आने वाले वास्तविक सुधार से सामने आएगा।
