50 लाख महिलाओं-बालिकाओं को कानून के प्रति किया जागरूक
नागरिक अभिव्यक्ति @ जयपुर
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए राजस्थान में 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 अक्टूबर को जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में इन यूनिटों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही कालिका यूनिटों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों को हर महीने निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा की। इसका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से जुड़ा सवाल है। कालिका पेट्रोलिंग का उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम, असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना और महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना भी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों और प्रदेशभर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के अनुभव और सुझाव भी सुने।
महिला सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता जरूरी
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता और अपराध के प्रति सख्त कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री ने थानों में सामुदायिक संपर्क समूहों की नियमित बैठकें करने और स्कूल-कॉलेज, बाजार, सार्वजनिक परिवहन स्थलों तथा कार्यस्थलों पर गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया। अब इन नई यूनिटों की प्रभावशीलता का आकलन उनकी तैनाती के साथ शिकायतों पर कार्रवाई और महिलाओं के सुरक्षा-बोध से भी होगा।
कार्रवाई के साथ जागरूकता पर जोर
राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। महिला अत्याचार से जुड़े प्रकरणों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिटों ने अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसके अलावा 50 लाख महिलाओं और बालिकाओं को कानून तथा 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। लगभग 16.70 लाख महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया है। महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड संचालित किए जा रहे हैं। सरकार के मुताबिक, महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण हुआ है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून की जानकारी देने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड एवं नियंत्रण केंद्रों के माध्यम से प्रदेश में 12,500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
