नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा
आबकारी विभाग की नीतियों और लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लिकर कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन राजस्थान की ओर से बुधवार को जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया गया। अतिरिक्त आबकारी आयुक्त से वार्ता और मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद एसोसिएशन ने धरना समाप्त कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष विनोद पारेता ने बताया कि मार्च माह के अतिरिक्त गारंटी उठाव के समायोजन को लेकर सहमति बनी है। साथ ही, पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आगे की वार्ता के लिए उदयपुर बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की नीतियों में बार-बार बदलाव और विभिन्न पेनल्टी लगाए जाने से ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। विभागीय निर्देशों के अनुसार किए गए उठाव और भुगतान से जुड़ी राशि तथा गारंटी का समुचित समायोजन भी लंबे समय से लंबित है।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में गारंटी का उचित समायोजन, अनावश्यक पेनल्टी पर पुनर्विचार, नीति में बार-बार बदलाव रोकना, अतिरिक्त उठाव और भुगतान का समायोजन तथा लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान शामिल है। पारेता के अनुसार, बुधवार की वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी और बाकी विषयों पर चर्चा के लिए प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया है।
धरने में प्रदेश के 22 से अधिक जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। कोटा से अजय सिंह राठौड़, बलविंदर सिंह चावला, ईशान राठौर, अनमोल जिंदल, भूपेंद्र सिंह हाड़ा, महेश और कपिल पारेता सहित एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
