कोटा, 22 सितंबर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने 301 निकायों में 197 पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के खाते में 94 निकाय आए हैं। सात निकायों में निर्दलीय, जबकि आम आदमी पार्टी, माकपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को एक-एक निकाय में शीर्ष पद मिला है।
भाजपा मीडिया कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने जारी बयान में इन परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के संगठनात्मक नेतृत्व और भाजपा की नीतियों के प्रति जनता के समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि निकाय चुनावों के परिणाम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव के दौरान संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा तथा जनसंपर्क, रोड शो और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। उनके अनुसार, स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को सरकार के अब तक के कार्यकाल और मुख्यमंत्री के नेतृत्व के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
सात नगर निगमों में भाजपा के छह मेयर
घोषित परिणामों के अनुसार अब तक जिन सात नगर निगमों में महापौर चुने गए हैं, उनमें भाजपा ने छह—अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, पाली और उदयपुर—में जीत दर्ज की है, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला महापौर निर्वाचित हुए हैं।
सिसोदिया ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव में संगठनात्मक स्तर पर मेहनत की और जनता के बीच सरकार की योजनाओं एवं नीतियों को पहुंचाया। उन्होंने कहा कि निकाय स्तर पर मिले परिणामों से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
हालांकि, सभी निकायों के शीर्ष पदों के परिणाम 21 सितंबर तक घोषित नहीं हुए थे। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों सहित शेष निकायों में अध्यक्ष/महापौर पदों के चुनाव 25 सितंबर को निर्धारित हैं। इसलिए अंतिम तस्वीर उस तारीख के परिणामों के बाद ही पूरी होगी।
सिसोदिया ने भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि निकाय चुनावों में पार्टी को मिले समर्थन से कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए काम करना चाहिए।
