नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का रास्ता साफ हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच-सरपंच के लिए मतदान 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को कराया जाएगा।
आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस बार 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इन चुनावों में कुल 1,55,138 जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे। पिछली बार यह संख्या 1,28,942 थी। यानी परिसीमन, पुनर्गठन और नई पंचायतों के गठन के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों की संख्या में 20.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस बार चुनाव में 4 करोड़ 3 लाख 7 हजार 308 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 2 करोड़ 8 लाख 87 हजार 351 पुरुष, 1 करोड़ 94 लाख 19 हजार 789 महिलाएं और 168 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए पूरे प्रदेश में 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता सूची की अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 रखी गई थी और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 25 फरवरी को किया जा चुका है। पंचायतीराज चुनाव का इस बार का स्वरूप पिछले चुनाव से काफी बड़ा है।
4 चरण चुनाव, कोटा में दिसं. में
जैसलमेर, फलौदी में एक चरण, अधिकांश जिलों में दो चरण, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालौर और उदयपुर में तीन चरण तथा जयपुर जिले में चार चरण होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान अक्टूबर से नवंबर तक होगा। बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा जिला परिषदों के प्रमुख-उपप्रमुख तथा इनसे जुड़ी पंचायत समितियों के प्रधान-उपप्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा।
