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रामगंजमंडी औद्योगिक क्षेत्र में पॉलिश की धूल से बिगड़े हालात, राहगीरों की बढ़ी परेशानी

पारसा माता चौराहे से मोदी गेट तक उड़ रहे धूल के गुबार, सड़कों पर गिर रहा पॉलिशयुक्त पदार्थ; हादसों और स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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रामगंजमंडी औद्योगिक क्षेत्र में पॉलिश की धूल से बिगड़े हालात, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
रामगंजमंडी औद्योगिक क्षेत्र में पॉलिश की धूल से बिगड़े हालात, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
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रामगंजमंडी। औद्योगिक क्षेत्र में पॉलिश की धूल ने वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। पारसा माता चौराहे से मोदी गेट तक सड़क पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही शिकायतों के अनुसार, फैक्ट्रियों से टैंकरों में भरकर ले जाया जाने वाला पॉलिशयुक्त पदार्थ सड़क पर गिर रहा है। इससे सड़क पर धूल फैल रही है और आवागमन प्रभावित हो रहा है।

सड़क पर धूल के गुबार, हादसों का अंदेशा

औद्योगिक क्षेत्र की सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को उड़ती धूल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार से दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी इस स्थिति से जूझना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए यह समस्या रोजमर्रा के आवागमन में बाधा बन रही है। सड़क पर पॉलिशयुक्त पदार्थ गिरने और उसके सूखने के बाद धूल उड़ने से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति बनने की आशंका है।

सिलिकोसिस जैसी बीमारी का खतरा

औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाली धूल के संपर्क में लंबे समय तक रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि धूल में मुक्त क्रिस्टलीय सिलिका मौजूद है, तो इसके बार-बार सांस के जरिए शरीर में जाने से सिलिकोसिस जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारी का खतरा हो सकता है। हालांकि, यहां उड़ रही धूल की वास्तविक संरचना की पुष्टि के लिए जांच जरूरी है।

प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की जरूरत

स्थानीय स्तर पर इस समस्या को लेकर प्रशासनिक निगरानी और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है। टैंकरों में पॉलिशयुक्त पदार्थ का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने, सड़क पर गिरे पदार्थ की सफाई कराने और धूल को नियंत्रित करने के उपाय अपनाने से स्थिति में सुधार हो सकता है।

औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती धूल से वाहन चालकों और राहगीरों को राहत दिलाने के लिए संबंधित विभागों की ओर से निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि सड़क पर उड़ती धूल और परिवहन के दौरान गिरने वाले पदार्थ की समस्या पर जिम्मेदार विभाग कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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