नागरिक अभिव्यक्ति | बूंदी। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में आयोजित वन्यजीव सप्ताह का गुरुवार को समापन हुआ। इस अवसर पर सप्ताहभर आयोजित शैक्षणिक, जागरूकता, रचनात्मक एवं साहसिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, प्रतिभागियों और वनकर्मियों को सम्मानित किया गया। वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में करीब 2000 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
जैतसागर के किनारे स्थित एक निजी मैरिज गार्डन में आयोजित समापन समारोह में कोटा के मुख्य वन संरक्षक रूपनारायण मीणा, वन संरक्षक एवं रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशक सुगनाराम जाट, उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (बफर) डॉ. आलोकनाथ गुप्ता, उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (कोर) अरुण कुमार डी., बूंदी के एडीएम सीलिंग रमेश देव और बूंदी ट्रेजरी की कोषाधिकारी चित्रा सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह में विभिन्न रेंज से आए विद्यार्थियों तथा टाइगर ट्रेकिंग से जुड़ी ग्रीन आर्मी के फील्ड स्टाफ ने भी सहभागिता की। वक्ताओं ने वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने तथा विद्यार्थियों और युवाओं में प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर दिया।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व प्रबंधन की ओर से विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन, चित्रकला सहित अनेक शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समापन समारोह में प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा वन्यजीव संरक्षण और वन प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के फील्ड स्टाफ, कर्मचारी, स्वयंसेवक, होमगार्ड एवं अन्य वनकर्मियों को भी प्रशस्ति-पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों और युवाओं की भागीदारी से प्रकृति संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जा सकता है।
