कोटा @ राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के पूर्व छात्र और 14 राजस्थान बटालियन एनसीसी के कैडेट रहे यशवर्धन सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर विश्वविद्यालय और प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। मूल रूप से महरोली, सीकर निवासी यशवर्धन को 5 सितंबर को भारतीय सेना की प्रतिष्ठित कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन मिला। यशवर्धन ने आरटीयू से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया।
पढ़ाई के दौरान वे 14 राजस्थान बटालियनएनसीसी, कोटा के सक्रिय कैडेट रहे। इसी दौरान सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य मजबूत हुआ। आरटीयू एनसीसी इकाई के अधिकारी डॉ. एस.एल. मीना के मार्गदर्शन में उन्होंने तैयारी को दिशा दी। उन्होंनेभारतीय सेना की एसएससी किया और ऑल इंडिया रैंक-5 प्राप्तकी। तकनीकी शिक्षा, एनसीसी प्रशिक्षण और लगातार तैयारी के बल पर उन्होंनेयह मुकाम हासिल किया। कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने कहा कि यशवर्धनकी उपलब्धिविश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। एनसीसी से मिले अनुशासन और नेतृत्व के गुणों के साथ उन्होंनेसेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंनेविश्वास जताया कि यशवर्धनसेना में अपने दायित्वनिष्ठा और साहस के साथ निभाएंगे।एनसीसी अधिकारीडॉ. एस.एल. मीना ने कहा कि यह सफलता वर्तमानकैडेटों के लिए प्रेरणाहै। एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करता है।
रैंक-5 से लेफ्टिनेंट तक
यशवर्धन ने एसएससी टेक प्रवेश योजना में ऑल इंडिया रैंक-5 हासिल की। 5 सितंबर को उन्हें कुमाऊं रेजिमेंट में कमीशन मिला। सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ एनसीसी प्रशिक्षण उनके सेना में अधिकारी बनने के सफर का अहम हिस्सा रहा।
एनसीसी से मिला लक्ष्य और अनुशासन
आरटीयू में पढ़ाई के दौरान यशवर्धन 14 राजस्थान बटालियन एनसीसी से जुड़े। यहीं से सेना में अधिकारी बनने की प्रेरणा मिली। अनुशासन, नेतृत्व और निरंतर अभ्यास ने उनके लक्ष्य को मजबूती दी और आखिरकार चयन तक पहुंचाया।
