नागरिक अभिव्यक्ति । गंगरार
गंगरार उपखंड क्षेत्र की त्रेष्टा ग्राम पंचायत में शामिल रूपपुरा (जाटों का माल का खेड़) गांव के ग्रामीणों ने आगामी पंचायत राज चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी दी है। सोमवार रात भगवान चारभुजानाथ मंदिर के पास हुई बैठक में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि गांव का कोई भी मतदाता चुनाव में मतदान नहीं करेगा। ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों से गांव में आकर वोट नहीं मांगने की अपील भी की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में करीब 600 मतदाता हैं। पहले रूपपुरा शायरी ग्राम पंचायत में शामिल था, जिसका कार्यालय गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर था। अब इसे त्रेष्टा ग्राम पंचायत में जोड़ दिया गया है, जिसकी दूरी 12 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत कार्यालय तक पहुंचने के लिए उन्हें बांध के पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा के काम करवाने में परेशानी होगी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में बदलाव करते समय स्थानीय लोगों की सहमति और उनकी सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि जब पंचायत तक पहुंचना ही मुश्किल होगा तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा। उन्होंने पंचायत गठन में प्रभावशाली लोगों के स्वार्थ की भी आशंका जताई।
रिटर्निंग अधिकारी नेहा मित्रा ने बताया कि मतदान बहिष्कार की सूचना मिलने पर पटवारी और गिरदावर को समझाइश के लिए भेजा गया है। चुनाव की घोषणा हो चुकी है, फिर भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में रतनलाल जाट, देवीलाल सुधार, रामलाल जाट, भैरूलाल जाट, प्रभुलाल बंजारा, मुकेश बंजारा, श्यामलाल भील, भवानीराम भील, चंपालाल प्रजापत और रतनलाल प्रजापत सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
