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कोटा में समवर्तिका 10.0: बच्चों ने ‘मरुधरा जहां माटी बोलती है’ नाटक से दिखाई राजस्थान की संस्कृति

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कोटा में समवर्तिका 10.0: बच्चों ने ‘मरुधरा जहां माटी बोलती है’ नाटक से दिखाई राजस्थान की संस्कृति
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चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड गड़ेपान एवं के के बिरला मेमोरियल सोसायटी के द्वारा अनुरक्षित विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं ने शनिवार को कोटा के केडीए ऑडिटोरियम के रंग मंच पर वार्षिक उत्सव समवर्तिका 10.0 कार्यक्रम में मरुधरा जहां माटी बोलती है नाम से लघु नाटक का मंचन कर उपस्थित अतिथियों, प्रबुद्ध जनों एवं दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

कंपनी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के 57 सरकारी विद्यालयों एवं 47 आंगनबाड़ियों के बच्चों ने लघु नाटक में राजस्थान का परिचय कराया। कार्यक्रम में बच्चों ने राजस्थान से जुड़ी हुई कहानियों को मंच पर प्रदर्शित किया जिसमें बच्चों ने मेवाड़ से जुड़ी महाराणा प्रताप की कहानी में हल्दीघाटी का युद्ध, युद्ध में कुंजा भील का सहयोग, रानी पद्मिनी का जौहर, एकलिंग जी और महाराणा प्रताप का चेतक जीसने युद्ध में प्रताप का मरते दम तक सहयोग किया एवं राजस्थान का मशहूर घूमर नृत्य भी बच्चों ने मंच पर प्रदर्शित किया। साथ ही राजस्थान के मारवाड़ के राव जोधा के द्वारा किस तरह से मेहरानगढ़ किला बनाया गया। उसी के साथ मारवाड़ से संबंधित खेजड़ी का पेड़, बिश्नोई समाज एवं जिस तरह बिश्नोई समाज ने खेजड़ी के पेड़ को बचाने के लिए चिपको आंदोलन चलाया वह भी बच्चों ने मंच पर जीवंत मंचन किया। जय सिंह द्वारा बसाया गया जयपुर भी बच्चों ने मंच पर दर्शाया और जयपुर में निर्मित जंतर मंतर को भी बच्चों ने बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया जयपुर की बनावट कल कारीगरी को भी बच्चों ने मंच पर अच्छे ढंग से प्रदर्शित किया। शेखावाटी की चित्रकारिणी राजस्थान के घोड़े, राजस्थान के सैनिक, राजस्थान का कच्ची घोड़ी नृत्य एवं हाडोती को भी बच्चों ने मंच पर बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया हाडोती का चंबल का पानी, चंबल नदी काली सिंध नदी, चंबल के बीहड़ और साथ ही हाडोती में स्थापित सीएफसीएल का फर्टिलाइजर का कारखाने के बारे में भी बच्चों ने मंच पर उपस्थित जनसमूह को बताया। मंच पर बच्चों ने राजस्थान की मशहूर गंग नहर जिसको महाराजा गंगा सिंह ने बनाया था उसका भी वर्णन मंच पर किया गया। बीकानेर के भुजिया और राजस्थान का मशहूर कालबेलिया नृत्य, गणगौर नृत्य, ईश्वर गणगौर की पूजा को भी बच्चों ने मंच पर जीवंत नाट्य मंचन किया। इस कार्यक्रम में लगभग तीन सौ बच्चे शामिल हुए।

इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद रहे मुख्य अतिथि पीयूष समारिया जिला कलेक्टर कोटा, जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी अंता राधेश्याम भील, सीएफसीएल से अजय तायल वीपी मैन्युफैक्चरिंग, विशाल माथुर एवीपी एचआर, शैलेंद्र सक्सेना जी एम मटेरियल, विकास पी भोले सी एस आर हेड एवं के के बिरला मेमोरियल सोसायटी के सदस्य, कंपनी के एनजीओ पार्टनर, शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, बच्चों के अभिभावक और भारी संख्या में भीड़ उपस्थित रही।

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि पीयूष समारिया ने कहा की सीएफसीएल के सहयोग से आस पास के विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, बच्चों का शैक्षणिक स्तर बढ़ा है। शिक्षकों की भागीदारी में परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि माता पिता, अध्यापकों ओर बच्चों को नयी जमाने के हिसाब से बढ़ना चाहिए तथा शिक्षा के ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभाना चाहिए। सीएफसीएल द्वारा किए गए समवर्तीका जैसे कार्यक्रम बहुत ही कम विद्यालयों में देखने को मिलते हैं विशेष तौर से सरकारी विद्यालयों के बच्चों को इस तरह के मंच पर प्रतिभा दिखाने का मौका बहुत कम मिलता है और जब मौका मिलता है तो बच्चे अपने अभिनय से एक अलग ही पहचान बना लेते है सीएफसीएल द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिभा विकास व कौशल विकास के लिए किये जा रहे कार्य अनुकरणीय व प्रशंसनीय है बच्चों ने मंच के माध्यम से जो राजस्थान का परिचय दिया है वो बहुत सुंदर और प्रशंसा का काबिल है।

इस मौके पर कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग वीपी अजय तायल ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी अगर मंच मिले तो वो किसी भी अन्य बच्चों से कम नहीं है। सीएफसीएल के प्रयासों से यह बच्चे आज क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे है। बच्चों को इस तरह की गतिविधियों से सीखना चाहिए सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। सीएफसीएल इन बच्चों के व्यक्तित्व के विकास में बेहतर योगदान प्रदान कर रही है।

इस मौके पर कंपनी के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट विशाल माथुर ने सबसे पहले कंपनी के द्वारा सीएसआर के माध्यम से किये जा रहे कार्यों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों के बच्चों को जिला और राज्यस्तर पर अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है कंपनी ने शिक्षा कार्यक्रम ने लगभग 1200 बच्चों के साथ शुरुआत की थी आज इन बच्चों की संख्या 10000 से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने अनुरक्षित सरकारी विद्यालयों के बच्चों के लिए समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन करती रही है जिससे बच्चों के अंदर पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी रुचि बढ़ती है सीएफसीएल अपने सीएसआर के माध्यम से विद्यालय स्तर पर खेल कूद, चित्रकला, संगीत, बालसभा आदि प्रतियोगिताओ का आयोजन करती रहती है जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इन बच्चों ने एक महीने की मेहनत से इतना बेहतरीन कार्यक्रम प्रस्तुत किया है उससे लगता है कि इन बच्चों को अगर प्रतिभा दिखाने का मौका मिले तो ये बच्चे किसी भी प्रकार से प्राइवेट स्कूल के बच्चों से कम नहीं है।

बोर्ड परीक्षा के परिणामों के इन बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कम्पनी भविष्य ने भी इसी तरह इन बच्चों के लिए कार्य करती रहेगी।

कंपनी के सीएसआर हेड विकास भोले ने कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं उन्होंने कहा कि कंपनी के के बिरला मेमोरियल सोसायटी के माध्यम से आसपास के क्षेत्र का कायाकल्प कर रही है और इसी क्रम में आस पास के गांव में यह परिवर्तन देखने को मिला है गड़ेपान के आस पास के बच्चों ने खेलो के माध्यम से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खेलो में बच्चों ने 2 स्वर्ण, 2 सिल्वर और 2 कास्य पदक जीत कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

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विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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