नागरिक अभिव्यक्ति @ सांगोद
सांगोद की गौण मंडी किसानों के लिए सुविधा केंद्र बनने के बजाय बदहाल व्यवस्थाओं का उदाहरण बन गई है। लंबे समय से बंद पड़ी मंडी में न तो किसानों की उपज की तुलाई के लिए कांटे उपलब्ध हैं और न ही खरीद-फरोख्त की समुचित व्यवस्था। ऐसे में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचने के बजाय दूसरे स्थानों पर बेचने को मजबूर हैं। मंडी की बदहाली को लेकर अब कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जिला देहात कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी के नाम तहसीलदार सुरेंद्र वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि गौण मंडी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। मंडी परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किसान यहां अपनी उपज बेचने से कतरा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गौण मंडी स्थापित करने का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर उपज बेचने की सुविधा देना था, लेकिन तुलाई और खरीद की व्यवस्था नहीं होने से इसका उद्देश्य ही अधूरा रह गया है। किसानों को दूसरे स्थानों पर जाकर उपज बेचनी पड़ रही है, जिससे समय और संसाधनों की परेशानी उठानी पड़ती है।
ज्ञापन में मंडी की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कर तुलाई और खरीद-फरोख्त शुरू करवाने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान हितों को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
