नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
कोटा। सांगोद नगर पालिका में ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारी राकेश (40) की मौत के बाद शव को घर पहुंचाने के लिए वाहन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, तीन दिन से लापता राकेश का शव शनिवार को सांगोद से करीब 20 किलोमीटर दूर खानपुर में मिला। वहां अस्पताल में पहचान के बाद परिवार ने शव ले जाने के लिए एंबुलेंस और निजी वाहन संचालकों से संपर्क किया, लेकिन कथित तौर पर बदबू के कारण किसी ने वाहन उपलब्ध नहीं कराया।
परिजनों का कहना है कि नगर पालिका से मदद मांगी, लेकिन व्यवस्था नहीं हुई। आखिरकार राकेश का भाई आकाश, जो सांगोद नगर पालिका में अस्थायी ड्राइवर है, कचरा उठाने वाला टिपर लेकर खानपुर पहुंचा। शव को इसी वाहन से घर लाया गया। परिजनों के अनुसार, वाहन को पहले साफ किया गया था।
नगर पालिका के जमादार हंसराज ने बताया कि शव खानपुर में था और बदबू के चलते उसे लाने के लिए कोई वाहन तैयार नहीं हो रहा था। परिजनों के कहने पर टिपर भेजा गया। घर पहुंचने के कुछ समय बाद राकेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना ने शवों को सम्मानपूर्वक ले जाने की व्यवस्था और जरूरत के समय प्रशासनिक सहायता की उपलब्धता पर सवाल खड़े किए हैं।
