कोटा, 22 सितंबर। श्रीजी एवं कोटा हार्ट हॉस्पिटल की ओर से नवनिर्मित श्रीजी अस्पताल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों ने हृदय रोग शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं, तकनीक और उपचार सेवाओं की जानकारी दी।
अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश जिंदल ने बताया कि हाड़ौती क्षेत्र में श्रीजी एवं कोटा हार्ट हॉस्पिटल में आधुनिक और पूर्ण रूप से सुसज्जित कार्डियक ऑपरेशन थिएटर (Cardiac OTs) की सुविधा उपलब्ध है। उनके अनुसार इससे अधिक मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ सर्जरी के दौरान मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अस्पताल के डॉ. विक्रम गोयल ने बताया कि श्रीजी अस्पताल में नियमित रूप से मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (MICS) की जा रही है। उनके अनुसार अनुभवी टीम के साथ अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से हृदय रोगियों को इस तकनीक के जरिए उपचार दिया जा रहा है।
MICS तकनीक में छोटे चीरे के साथ सर्जरी
डॉ. गोयल के अनुसार MICS में पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा चीरा लगाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में हड्डी काटने और स्टर्नल वायरिंग की आवश्यकता नहीं होती तथा रिकवरी, दर्द, रक्तस्राव और निशान से जुड़े पहलुओं में कुछ मरीजों को लाभ मिल सकता है।
महिलाओं में चीरा कम दिखाई देने का दावा भी अस्पताल की ओर से किया गया।
डॉ. गोयल ने बताया कि मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की तकनीक करीब दो दशक से अधिक समय से दुनिया में उपलब्ध है और भारत में भी लंबे समय से इसका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने अपने करीब 30 वर्ष के कार्डियक सर्जरी अनुभव का उल्लेख किया।
जटिल हृदय रोगों के उपचार का दावा
डॉ. विनीत चावला ने बताया कि अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जटिल हृदय शल्य चिकित्सा नियमित रूप से की जा रही है। इनमें बाईपास सर्जरी (CABG), वाल्व रिपेयर एवं रिप्लेसमेंट, जन्मजात हृदय रोगों की सर्जरी, एओर्टिक सर्जरी और PVD सहित अन्य हृदय एवं वक्ष संबंधी सर्जरी शामिल हैं।
डॉ. जिंदल ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन हाड़ौती क्षेत्र में अत्याधुनिक हृदय उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य क्षेत्र के साथ देश और विदेश से आने वाले मरीजों को आधुनिक कार्डियक सर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
