ADVERTISEMENT
ब्रेकिंग न्यूज़
• हाड़ौती अंचल: कोटा में नए रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त बजट स्वीकृत • चुनाव आयोग ने आगामी निकाय चुनाव हेतु वोटर लिस्ट अपडेशन की समय सीमा बढ़ाई • राजस्थान बोर्ड परीक्षा 2026 की समय सारिणी घोषित, शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी • टी20 वर्ल्ड कप: भारतीय टीम ने दूसरे मुकाबले में भी दर्ज की धमाकेदार जीत
नागरिक अभिव्यक्ति
होम / क्राइम एवं सुरक्षा / लेख विस्तार
क्राइम एवं सुरक्षा

फ्लैग मार्च के तीन दिन बाद ही 70 लाख की चोरी!

बाजार में सीसीटीवी और चौराहे पर होमगार्ड की तैनाती के बावजूद चोरी; व्यापारियों ने दिया 36 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो बाजार बंद

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
अक्षर आकार:
फ्लैग मार्च के तीन दिन बाद ही 70 लाख की चोरी!
फ्लैग मार्च के तीन दिन बाद ही 70 लाख की चोरी!
ADVERTISEMENT
खबर शेयर करें:

नागरिक अभिव्यक्ति । सुल्तानपुर

सुल्तानपुर। त्योहारों से पहले सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च के महज तीन दिन बाद सुल्तानपुर के मुख्य बाजार में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। रविवार अलसुबह करीब 4:39 बजे भोरा चौराहे पर स्थित देव ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाकर पांच से अधिक नकाबपोश बदमाश कथित तौर पर महज तीन मिनट में पूरी तिजोरी उठाकर ले गए। पीड़ित व्यापारी परमानंद गुर्जर ने तिजोरी में करीब 70 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी होने का दावा किया है। बाजार के प्रमुख चौराहे पर हुई इस वारदात ने पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने कोटा-श्योपुर मार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया, जिसके कारण यातायात बाधित रहा। बाद में पुलिस ने समझाइश कर मार्ग खुलवाया। दीपावली से पहले हुई इस वारदात ने उन कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने त्योहार के लिए दुकानों में कीमती माल जुटा रखा है। व्यापारियों की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर चोरी गए आभूषण और नकदी बरामद की जाए।

मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है कि 15 अक्टूबर को ही कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला था। आगामी पंचायत चुनाव और त्योहारों को देखते हुए निकाले गए इस मार्च का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आमजन में सुरक्षा का विश्वास कायम करना था। लेकिन तीन दिन बाद ही मुख्य बाजार में तिजोरी चोरी होने से सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि वारदात के समय पुलिस गश्त की स्थिति क्या थी और प्रमुख बाजार की निगरानी किस तरह की जा रही थी।

देव ज्वेलर्स की दुकान भोरा चौराहे पर स्थित है, जहां आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। चौराहे पर होमगार्ड की तैनाती भी बताई जा रही है। इसके बावजूद बदमाशों के दुकान तक पहुंचने, शटर का ताला तोड़ने और तिजोरी लेकर फरार होने की बात सामने आई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार बदमाश स्विफ्ट कार में आए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले मुख्य सड़क की स्ट्रीट लाइट बंद की, फिर दुकान का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का प्लग निकालने के बाद तिजोरी उठाई और कार में रखकर फरार हो गए। पास की दुकान में लगे कैमरे में वारदात कैद होने की जानकारी भी सामने आई है।

इस मामले में अब सीसीटीवी फुटेज और वाहन से जुड़े सुराग अहम हो गए हैं। बदमाश किस दिशा से आए, वारदात के बाद किस रास्ते से निकले और रास्ते में किन-किन कैमरों में उनकी कार दिखाई दी, इसकी पड़ताल से जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है। केवल दुकान के आसपास के फुटेज ही नहीं, बल्कि मुख्य रास्तों और टोल प्लाजा पर दर्ज तस्वीरों तथा वाहन की आवाजाही के रिकॉर्ड को मिलाकर देखना भी महत्वपूर्ण होगा। पुलिस के सामने चुनौती है कि इन सुरागों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर जल्द कार्रवाई करे।

सुल्तानपुर थाना अधिकारी दौलत कुमार साहू ने बताया कि संदिग्ध वाहन का टोल पर ऑनलाइन भुगतान किया गया है। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में वाहन की तस्वीरें मिली हैं। इनके आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्यालय खुलने के बाद वाहन के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस की जांच अब वाहन की पहचान, टोल भुगतान के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है। हालांकि, चोरी गए माल की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अभी व्यापारियों को कार्रवाई का इंतजार है।

वारदात के बाद व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। व्यापारी थाने पहुंचे और पुलिस के सामने विरोध दर्ज कराया। व्यापार महासंघ अध्यक्ष विष्णु गोस्वामी सहित अन्य व्यापारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए 36 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो बुधवार से अनिश्चितकालीन बाजार बंद किया जाएगा और चक्काजाम किया जाएगा। उनका कहना है कि मुख्य बाजार में इतनी बड़ी वारदात के बाद त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।

दीपावली के नजदीक बाजारों में खरीदारी और कारोबार बढ़ने के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में सुल्तानपुर की इस घटना का खुलासा केवल चोरी गए माल की बरामदगी तक सीमित नहीं है; इससे यह भी स्पष्ट होना है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए किस तरह की तैयारी की और बाजार की निगरानी में कहां चूक हुई। फ्लैग मार्च के जरिए सुरक्षा का संदेश देने के तीन दिन बाद हुई इस चोरी ने पुलिस के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है—पहली, आरोपियों तक पहुंचना और दूसरी, व्यापारियों का भरोसा बहाल करना। अब निगाहें पुलिस की जांच और मंगलवार तक की कार्रवाई पर हैं।

ADVERTISEMENT
लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

comment पाठकों की प्रतिक्रिया (Comments)

अपनी राय दर्ज करें: