सुल्तानपुर। पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सुल्तानपुर क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कोटा जिले में पंचायत चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। सुल्तानपुर पंचायत समिति को पहले चरण में शामिल किया गया है। यहां 23 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान होगा, जबकि 25 अक्टूबर को सरपंच और पंच पदों के लिए वोट डाले जाएंगे।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव के लिए 8 अक्टूबर को लोकसूचना जारी होगी। 13 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 15 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। इन चुनावों के परिणाम 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
जिला परिषद की 5 और पंचायत समिति की 21 सीटें
सुल्तानपुर पंचायत समिति क्षेत्र में जिला परिषद की 5 सीटों और पंचायत समिति सदस्य की 21 सीटों पर चुनाव होगा। इसके अलावा पंचायत समिति के अधीन आने वाली 44 ग्राम पंचायतों में भी सरपंच और पंच के चुनाव होंगे। इससे गांव से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर तक राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल होगा।
25 अक्टूबर को सरपंच-पंच के लिए मतदान
सरपंच और पंच पदों के लिए भी चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। सुल्तानपुर क्षेत्र में प्रथम चरण के तहत 8 अक्टूबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसी दिन नाम वापसी की प्रक्रिया भी पूरी होगी।
इसके बाद 25 अक्टूबर को मतदान होगा और इसी दिन सरपंच एवं पंच पदों के चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
22 दिसंबर को जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव
पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, पंचायत समितियों के प्रधान और उपप्रधान के चुनाव दिसंबर में प्रस्तावित हैं। 22 दिसंबर को इन पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। जिला परिषद के निर्वाचित सदस्य जिला प्रमुख का, जबकि पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्य प्रधान का चुनाव करेंगे।
चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद सुल्तानपुर क्षेत्र में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। 44 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के दावेदारों के साथ पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य पदों के संभावित प्रत्याशी भी संपर्क और राजनीतिक समीकरण साधने में जुट गए हैं।
