सुल्तानपुर। पंचायती राज चुनाव के प्रथम चरण में गुरुवार को पंचायत समिति सुल्तानपुर क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। पंचायत समिति सदस्य की 21 और जिला परिषद सदस्य की 5 सीटों के लिए हुए मतदान में कुल 62.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। क्षेत्र के कुल 1,19,084 मतदाताओं में से 75,531 मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान शाम करीब 6:30 बजे तक जारी रहा। इस दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
सुबह धीमी, दोपहर बाद बढ़ी मतदान की रफ्तार
मतदान प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई। शुरुआती घंटों में मतदान की गति धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मतदाताओं में उत्साह बढ़ता गया। सुबह 10 बजे तक 11.08 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद दोपहर 1 बजे तक मतदान का आंकड़ा 30.56 प्रतिशत और दोपहर 3 बजे तक 44.56 प्रतिशत पहुंच गया। शाम 6:30 बजे तक कुल 62.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
मतदान के दौरान उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी दीपक महावर तथा तहसीलदार प्रीतम कुमारी मीणा ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी मतदान केंद्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की निगरानी करते हुए शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया।
95 वर्षीय बुजुर्ग ने पहुंचकर डाला वोट
पंचायती राज चुनाव में बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। ग्राम पंचायत पड़ासलिया में 95 वर्षीय शंभुदयाल नंदवाना मतदान केंद्र संख्या 101 पर पहुंचे और मतदान किया। वहीं सिमलिया में 86 वर्षीय प्रभुलाल मीणा ने मतदान केंद्र संख्या 100 पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बुजुर्ग मतदाताओं की भागीदारी ने मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
भाजपा-कांग्रेस के जिलाध्यक्षों ने भी किया मतदान
मतदान के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और भाजपा देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर वोट डाले। दोनों नेताओं ने मतदान के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी।
प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद
पंचायत समिति की 21 और जिला परिषद की 5 सीटों पर मतदान संपन्न होने के साथ ही चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया है। अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। मतदान प्रतिशत को लेकर भी क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं।
