नागरिक अभिव्यक्ति @ कोटा
सुल्तानपुर। पंचायत चुनाव में कहीं जीत का बड़ा अंतर देखने को मिला तो कहीं चंद वोटों ने हार-जीत का फैसला कर दिया। सुल्तानपुर पंचायत समिति की 44 ग्राम पंचायतों में शनिवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान के बाद मतगणना हुई। देर रात तक परिणाम सामने आते रहे। बड़ोंद ग्राम पंचायत में अंशु सुवालका ने 908 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि अमरपुरा में शबाना ने महज चार वोटों से मुकाबला अपने नाम किया। चुनाव में राजनीतिक और प्रभावशाली परिवारों की प्रतिष्ठा भी दांव पर रही।
बड़ोंद में 908 वोटों से जीतीं अंशु सुवालका
सुल्तानपुर ब्लॉक में सबसे बड़ी जीत बड़ोंद ग्राम पंचायत में दर्ज हुई। यहां अंशु सुवालका को 1592 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीमा को 684 वोट प्राप्त हुए। इस तरह अंशु ने 908 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इसके उलट अमरपुरा ग्राम पंचायत में मुकाबला आखिरी वोट तक कड़ा रहा। यहां शबाना को 459 और चंद्रकला को 455 वोट मिले। शबाना ने केवल चार वोटों से जीत दर्ज की। दोनों पंचायतों के परिणामों ने चुनावी मुकाबलों में वोटों के अंतर की तस्वीर साफ कर दी।
राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा भी दांव पर
सुल्तानपुर क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में राजनीतिक रूप से सक्रिय और प्रभावशाली परिवारों के सदस्य भी चुनाव मैदान में थे। दीगोद ग्राम पंचायत में भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने सरपंच पद का चुनाव जीत लिया। रेलगांव ग्राम पंचायत में लोकेश तिवारी सरपंच निर्वाचित हुए। उनकी पत्नी इससे पहले पंचायत समिति सदस्य रह चुकी हैं।
नवगठित ग्राम पंचायत बाक्या में आईएएस अधिकारी के भाई हरिओम मीणा की पत्नी अनीता मीणा ने सरपंच पद पर जीत दर्ज की। हरिओम मीणा वर्तमान में किशोरपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं। इन चुनाव परिणामों के बाद क्षेत्र में स्थानीय नेतृत्व और राजनीतिक परिवारों की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आज उपसरपंच पद के चुनाव
सरपंच और वार्ड पंच चुनाव के बाद रविवार को ग्राम पंचायतों में उपसरपंच पद के चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है। इसके तहत चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने और चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है। उपसरपंच पद के लिए मतदान आवश्यक होने पर दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
44 ग्राम पंचायतों के इन चुनावों में बड़े अंतर से मिली जीत और बेहद करीबी मुकाबलों ने स्थानीय स्तर पर जनसमर्थन की अलग-अलग तस्वीर पेश की है। अब उपसरपंच पदों के परिणामों पर भी पंचायतों की राजनीतिक गतिविधियों की नजर रहेगी।
