सुल्तानपुर। विजयदशमी पर रावण दहन को लेकर हुए विवाद के बाद सुल्तानपुर नगरपालिका ने संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की है। नगरपालिका ने निविदा की शर्तों के अनुरूप रावण के पुतले तैयार नहीं करने के मामले में फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही फर्म के भुगतान पर भी रोक लगा दी गई है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार रैगर ने 21 अक्टूबर को प्रेस नोट जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी।
नगरपालिका की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, सुल्तानपुर और नोताड़ा में विजयदशमी पर रावण दहन के लिए पुतले तैयार करने का कार्य मैसर्स अभिषेक शर्मा को सौंपा गया था। हालांकि, दोनों स्थानों पर तैयार किए गए पुतले निविदा में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुरूप नहीं पाए गए। पुतलों की ऊंचाई को लेकर अनियमितता सामने आने के बाद नगरपालिका ने संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया और भुगतान रोक दिया।
सुल्तानपुर और नोताड़ा में पुतलों को लेकर हुआ था विवाद
विजयदशमी के अवसर पर सुल्तानपुर के मंडी परिसर में रावण दहन के लिए पुतला खड़ा किए जाने के बाद विवाद सामने आया था। जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर में 70 फीट और नोताड़ा में 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन प्रस्तावित था। पुतलों को लेकर उठे विवाद के बाद अब नगरपालिका की कार्रवाई चर्चा में है।
नगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि संबंधित फर्म के खिलाफ कदम निविदा की निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किए जाने के आधार पर उठाया गया है। इस कार्रवाई के साथ मामला पुतलों की ऊंचाई को लेकर हुए विवाद से आगे बढ़कर सरकारी कार्यों में निर्धारित मानकों और ठेकेदार की जवाबदेही से भी जुड़ गया है।
नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी: पालिकाध्यक्ष
नगरपालिका अध्यक्ष अनीता मेघवाल ने कहा कि नगरपालिका के कार्यों में नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगरपालिका का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को भी पारदर्शिता तथा निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराना है। किसी भी कार्य में लापरवाही या निविदा की शर्तों का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
पालिकाध्यक्ष के अनुसार, सरकारी धन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप होना और कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करना नगरपालिका की जिम्मेदारी है। रावण दहन प्रकरण में संबंधित फर्म के खिलाफ की गई कार्रवाई को इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
