कोटा/बूंदी, 21 अगस्त। सुमेरगंजमंडी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। इंद्रगढ़-चाणदाखुर्द-ढीपरी चंबल-रजोपा-इटावा-पीपल्दा-शहनावदा राज्य राजमार्ग संख्या-120 के किलोमीटर 5 पर रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
यह मंजूरी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई वार्ता के बाद मिली है। आरओबी बनने से सुमेरगंजमंडी के पास रेलवे पुलिया के नीचे होने वाले जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश में जलभराव से होती थीं दुर्घटनाएं
राज्य राजमार्ग संख्या-120 इंद्रगढ़ से चाणदाखुर्द, ढीपरी चंबल, रजोपा, इटावा, पीपल्दा और शहनावदा होते हुए मध्यप्रदेश को जोड़ता है। सुमेरगंजमंडी के पास किलोमीटर 5 पर दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन है। यहां सड़क रेलवे पुलिया के नीचे से होकर गुजरती है।
बारिश और सर्दी के दौरान पुलिया के नीचे पानी भरने से आवागमन बाधित होता रहा है। जलभराव के कारण इस स्थान पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी और कई हादसे भी हो चुके हैं। आरओबी बनने के बाद इस समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
चंबल पुल बनने के बाद बढ़ेगा यातायात
यह मार्ग स्थानीय आवागमन के साथ धार्मिक और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इसी रास्ते से कमलेश्वर महादेव जाने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। साथ ही यह मार्ग कोटा जिले के ढीपरी चंबल, इटावा, पीपल्दा, शहनावदा सहित आसपास के क्षेत्रों को मध्यप्रदेश से जोड़ता है।
ढीपरी के निकट चंबल नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके पूरा होने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में रेलवे पुलिया के स्थान पर आरओबी का निर्माण यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरओबी बनने के बाद जलभराव के कारण होने वाली परेशानी से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। साथ ही इंद्रगढ़ से मध्यप्रदेश तक जाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
