कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि संवेदनशील व्यक्ति किसी को पीड़ा में देखता है तो उसे दूर करने का प्रयास करता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसी भावना के साथ जरूरतमंदों की सहायता के लिए अलग-अलग अभियान शुरू किए। नंगे पैर बच्चों को देखकर चप्पल अभियान, सर्दी में ठिठुरते लोगों के लिए कंबल अभियान और माताओं के पोषण के लिए सुपोषित मां अभियान इसकी मिसाल हैं।
नागर ने कहा कि ओम बिरला के इन प्रयासों से प्रेरित होकर उन्होंने भी सांगोद में अभियान शुरू किया है। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की।
बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद आया सुपोषित मां अभियान का विचार
लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कहा कि जब उन्होंने सुपोषित मां अभियान की शुरुआत के बारे में ओम बिरला से पूछा था, तो उन्होंने बताया कि कोटा में मासूम बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद इस अभियान का विचार आया।
कल्पना देवी के अनुसार, ओम बिरला का मानना है कि समस्याओं के समाधान के लिए केवल सांत्वना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके मूल कारणों को दूर करने का प्रयास भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इसी सेवाभाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ओम बिरला की सराहना करते हैं। कल्पना देवी ने सभी माताओं को नमन करते हुए माता रानी से प्रार्थना की कि सभी माताएं और बच्चे स्वस्थ रहें।
सुपोषण पर जोर
सुपोषित मां अभियान का उद्देश्य माताओं के पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मां-बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और विधायक कल्पना देवी ने अपने संबोधन में माताओं के स्वास्थ्य तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।
