बूंदी। जिले के तालेड़ा क्षेत्र में गुरुवार सुबह सरपंच चुनाव के दौरान मतदाताओं को रुपए बांटने के कथित आरोप को लेकर हंगामा हो गया। रघुनाथपुरा ग्राम पंचायत क्षेत्र के पाटन तिराहे पर ग्रामीणों ने तालेड़ा पंचायत समिति के पूर्व उपप्रधान रघु शर्मा को घेर लिया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और तनावपूर्ण स्थिति बन गई। धक्का-मुक्की और मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूर्व उपप्रधान को सुरक्षा के लिहाज से मौके से निकालकर थाने पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों का प्रचार चल रहा था। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रघु शर्मा अपने समर्थित सरपंच प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करते हुए मतदाताओं को रुपए बांट रहे हैं। इस आरोप के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई और उन्होंने पूर्व उपप्रधान को घेर लिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति से भी धक्का-मुक्की होने की बात सामने आई।
पुलिस ने नोट बांटने की पुष्टि से किया इनकार
तालेड़ा थाना प्रभारी मुकेश यादव ने बताया कि पुलिस को नोट बांटने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। रघु शर्मा एक व्यक्ति के घर बैठकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने रुपए बांटने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रघु शर्मा ने खुद फोन कर पुलिस को सूचना दी और अपने साथ हाथापाई की आशंका जताई।
सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें पुलिस वाहन से सुरक्षित थाने लेकर आई। बाद में उन्हें रवाना कर दिया गया। थाना प्रभारी के अनुसार, फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
पूर्व उपप्रधान बोले- राजनीतिक साजिश के तहत लगाए आरोप
पूर्व उपप्रधान रघु शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वह अपनी पंचायत के सरपंच प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को आगे-पीछे से वाहनों से घेर लिया और हमला करने का प्रयास किया। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने पुलिस से सहायता मांगी।
उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी को रुपए बांटे हैं या उनके पास से कोई राशि बरामद हुई है तो उसका प्रमाण सामने लाया जाए।
चुनाव प्रचार के दौरान हुए इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चुनावी माहौल गरमा गया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नोट बांटने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है।
