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तेजा दशमी पर आस्था का सैलाब, भजनों और अलगोजा की धुनों से गूंजे गांव

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तेजा दशमी पर आस्था का सैलाब, भजनों और अलगोजा की धुनों से गूंजे गांव
तेजा दशमी पर आस्था का सैलाब, भजनों और अलगोजा की धुनों से गूंजे गांव
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सांगोद/कोटा।** बपावरकलां क्षेत्र के कमोलर, खड़िया, लबानियां और लटूरी गांवों में सोमवार को वीर तेजाजी महाराज की तेजा दशमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही तेजाजी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई। ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि, अच्छी बारिश एवं खुशहाली की कामना की।

तेजा दशमी को लेकर ग्रामीण अंचल में सुबह से ही उत्साह नजर आया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने धार्मिक आयोजनों में भाग लिया। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, वहीं विभिन्न गांवों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से माहौल भक्तिमय बना रहा।

स्थानीय कलाकारों ने भजनों से बांधा समां

खड़िया ग्राम पंचायत में तेजा दशमी के अवसर पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय गायक कलाकार **रामलाल मेघवाल और रामप्रसाद मेघवाल** ने वीर तेजाजी महाराज की महिमा से जुड़े भजन एवं लोकगीत प्रस्तुत किए। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते रहे। तेजाजी महाराज के जयकारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा।

अलगोजा गायन ने आकर्षित किया ग्रामीणों को

क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रात्रि के समय अलगोजा गायन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पारंपरिक अलगोजा वाद्य की धुनों और लोकगीतों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया। देर रात तक ग्रामीण कार्यक्रम स्थलों पर मौजूद रहे और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इन आयोजनों में ग्रामीण लोक संस्कृति की पारंपरिक छटा देखने को मिली।

मेले दिखी लोक संस्कृति की झलक

खड़िया में आयोजित तेजा दशमी मेले में **मेला अध्यक्ष अशोक कुमार सुमन (अन्ना)** की भूमिका रही। मेले में ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी रही। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मेले में ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।

आयोजकों के अनुसार तेजा दशमी जैसे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण लोक संस्कृति और पारंपरिक मान्यताओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और नई पीढ़ी को भी क्षेत्र की लोक परंपराओं से जोड़ने में मदद मिलती है।

सुख-शांति और खुशहाली की कामना

तेजा दशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में तेजा दशमी का पर्व वर्षों से श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाता रहा है।

कमोलर, खड़िया, लबानियां और लटूरी सहित आसपास के गांवों में पूरे दिन पर्व को लेकर उत्साह बना रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना तथा शाम और रात्रि में हुए भजन, लोकगीत और अलगोजा गायन से ग्रामी

ण अंचल भक्तिमय नजर आया।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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