नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग का मामला अब बड़े सितारों की रेकी, हथियारों की सप्लाई और कथित संगठित आपराधिक नेटवर्क की जांच तक पहुंच गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार सहित कई बड़े अभिनेताओं के घरों की रेकी की थी। पुलिस के मुताबिक, इन सितारों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण आरोपियों ने अपनी योजना बदल दी और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया। मामले में कोटा से तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की कथित सप्लाई से जुड़े चार और लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अब हमले की साजिश, हथियारों के इंतजाम और आरोपियों के आपसी संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है।
सितारों के घरों की रेकी, फिर टाइगर को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, करीब एक महीने पहले आरोपियों को मुंबई भेजा गया था। जांच में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिस पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को किसी बड़े फिल्मी सितारे को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने अभिनेताओं के घरों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की रेकी की तथा वीडियो बनाकर कथित तौर पर अनिल पंडित को भेजे। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी मिलने के बाद योजना बदलने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां इन दावों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि करने में जुटी हैं।
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी गई थी। आरोपियों ने कथित तौर पर इंटरनेट के जरिए अभिनेता के बारे में जानकारी जुटाई और उनके फुटबॉल खेलने आने-जाने के समय का पता लगाया। जांच के अनुसार, करीब सात दिन तक रेकी करने के बाद आरोपियों ने 18 अक्टूबर की शाम वारदात को अंजाम दिया। उनकी योजना सेल्फी लेने के बहाने अभिनेता की कार के पास पहुंचने की थी, लेकिन मौके पर भीड़ होने के कारण उन्होंने कथित तौर पर दूर से ही गोलियां चला दीं। इस मामले में हमले से एक रात पहले चौथे साथी के सिगरेट पीने के बहाने होटल से चले जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस व्यक्ति की भूमिका और उसके बारे में मिले सुरागों की जांच कर रही है।
जुहू में कार पर फायरिंग, टाइगर सुरक्षित
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया। टाइगर श्रॉफ इस हमले में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अन्य व्यक्ति भी गोलीबारी में घायल हुआ। घटना के बाद अभिनेता अपने घायल ड्राइवर को अस्पताल लेकर गए। वारदात के बाद आरोपियों के फरार होने पर मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और राजस्थान पुलिस की मदद से कोटा में तीन संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों में बिहार का ऋतिक उर्फ रोशन, हरियाणा का रेहान और एक नाबालिग शामिल बताया गया है। इन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस को सौंपा गया।
हथियार सप्लाई के आरोप में दो महिलाओं सहित चार गिरफ्तार
जांच का अगला बड़ा घटनाक्रम मंगलवार को सामने आया, जब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं, जबकि राधा और बबीता उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। इन चारों पर कथित तौर पर शूटरों तक हथियार पहुंचाने और उन्हें मदद देने का आरोप है। मुंबई पुलिस की अपराध जांच इकाई ने अदालत से आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ करने की अनुमति मांगी। अदालत की मंजूरी के बाद मुंबई पुलिस को चारों आरोपियों का तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मिला।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, कुणाल ने कथित तौर पर अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस जुटाए थे। इसके बाद राधा और बबीता के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसने उपलब्ध कराए, उन्हें किस व्यक्ति को सौंपा गया और हमले से पहले तथा बाद में आरोपियों को किस स्तर पर मदद मिली। अनिल पंडित के साथ कुणाल के कथित संपर्क और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे और हमले के पीछे की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई।
जांच के दायरे में आपराधिक नेटवर्क
टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं। हालांकि, किसी गिरोह से संबंध होने के दावों और गिरफ्तार आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी। पुलिस के सामने अब हथियारों की सप्लाई, रेकी, शूटरों की आवाजाही और वारदात के बाद उन्हें मदद पहुंचाने की कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। इस मामले ने फिल्मी सितारों की सुरक्षा के साथ-साथ संगठित अपराध के नेटवर्क और अलग-अलग राज्यों में फैले कथित मददगारों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
