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यूरिया-डीएपी के साथ जबरन अटैचमेंट देने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई

किसानों की शिकायत पर स्पीकर बिरला ने उर्वरक विभाग के सचिव से की बात

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यूरिया-डीएपी के साथ जबरन अटैचमेंट देने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई
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नागरिक अभिव्यक्ति | कोटा यूरिया और डीएपी के साथ अन्य उत्पाद जबरन खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को केंद्रीय उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्रा से बात कर किसानों की शिकायतों पर समाधान के निर्देश दिए।

कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों के किसानों ने यूरिया और डीएपी के साथ जबरन अतिरिक्त उत्पाद दिए जाने तथा खाद वितरण से जुड़ी समस्याओं की शिकायत बिरला से की थी। बिरला ने कहा कि किसानों को जबरन अटैचमेंट देना उचित नहीं है। सचिव मिश्रा ने उन्हें ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई और किसानों से जुड़ी अन्य समस्याओं के समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया।

किसानों के अनुसार, कुछ कंपनियां यूरिया और डीएपी के साथ नैनो यूरिया, जिंक, सल्फर, बायो-स्टिमुलेंट, कीटनाशक और अन्य उत्पाद लेने के लिए दबाव बना रही हैं। इससे खाद की कीमत के अलावा किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। किसानों ने संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई और थर्ड पार्टी ब्रांडिंग के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है।

किसानों ने खाद सब्सिडी सीधे खातों में देने, जैविक और प्राकृतिक खेती करने वालों के लिए अलग प्रोत्साहन राशि तय करने तथा कीटनाशकों की कीमत और गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाने के सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने खाद वितरण की डिजिटल व्यवस्था में सुधार, तहसील स्तर पर फ्लाइंग स्क्वाड और हेल्पलाइन शुरू करने तथा दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य करने की मांग की। किसानों का कहना है कि रबी बुवाई के दौरान यूरिया और डीएपी आसानी से उपलब्ध होने चाहिए।

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विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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