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वंदे भारत आधारित सुपरफास्ट पार्सल फ्रेट ईएमयू का 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ऑसिलेशन ट्रायल

खाली अवस्था में चौमहला-शामगढ़-गुड्ला खंड पर विभिन्न गति से हुआ परीक्षण; ऑसिलेशन के साथ आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी का भी परीक्षण

संवाददाता
विशेष संवाददाता विशेष रिपोर्टर
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वंदे भारत आधारित सुपरफास्ट पार्सल फ्रेट ईएमयू का 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ऑसिलेशन ट्रायल
वंदे भारत आधारित सुपरफास्ट पार्सल फ्रेट ईएमयू का 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल ऑसिलेशन ट्रायल
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कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित सुपरफास्ट पार्सल फ्रेट EMU रेक का तकनीकी परीक्षण जारी है। इसी क्रम में रेक का खाली अवस्था में ऑसिलेशन ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। परीक्षण के दौरान रेक को अधिकतम 145 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाया गया। साथ ही आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी का भी परीक्षण किया गया।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर आधारित इस फ्रेट EMU रेक में 20.32 टन एक्सल लोड वाली बोगियां हैं। इसका ऑसिलेशन ट्रायल पश्चिम मध्य रेलवे के नागदा-कोटा-सवाई माधोपुर खंड की अप और डाउन लाइनों पर किया गया। ट्रायल का उद्देश्य अलग-अलग गति पर रेक की स्थिरता, संचालन क्षमता और ऑसिलेशन व्यवहार का तकनीकी आकलन करना था।

120 से 145 किमी प्रति घंटे तक हुई रफ्तार

परीक्षण के पहले चरण में रेक को चौमहला से शामगढ़ के बीच 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया गया। इसके बाद इसी रेलखंड पर गति बढ़ाकर 135 किलोमीटर प्रति घंटे की गई।

परीक्षण के अंतिम चरण में चौमहला से गुड्ला के बीच रेक को अधिकतम परीक्षण गति 145 किलोमीटर प्रति घंटे पर सफलतापूर्वक चलाया गया। इस दौरान हाई-स्पीड पर रेक की स्थिरता और ऑसिलेशन व्यवहार का निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार परीक्षण किया गया।

इसी दौरान खाली अवस्था में आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी का भी परीक्षण किया गया, जिससे तेज गति पर ब्रेकिंग सिस्टम की क्षमता और सुरक्षा मानकों का तकनीकी आकलन किया जा सके।

विद्युत प्रणालियों के परीक्षण भी जारी

रेक के विद्युत संबंधी परीक्षण भी खाली अवस्था में किए जा रहे हैं। निर्धारित परीक्षण कार्यक्रम के अनुसार आगे इन परीक्षणों को पूरा किया जाएगा। इनके माध्यम से रेक की विद्युत और प्रणोदन प्रणालियों के प्रदर्शन का तकनीकी आकलन किया जाएगा।

कई विशेषज्ञ टीमें रहीं मौजूद

ट्रायल के दौरान कोटा मंडल की ओर से लोको पायलट पंचम सिंह, मुख्य लोको निरीक्षक जे.पी. सिंह और यातायात निरीक्षक महेंद्र सिंह मौजूद रहे। वहीं इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई की ओर से सुधांशु कुमार तथा RDSO की ओर से शशिकांत यादव ट्रायल टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा नॉर-ब्रेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एमआई टेक और मेधा की विशेषज्ञ टीमें भी परीक्षण में शामिल रहीं।

16 कोच की फ्रेट EMU में आधुनिक सुविधाएं

वंदे भारत प्लेटफॉर्म पर आधारित यह 16 कोच की फ्रेट EMU तेज गति से पार्सल और लॉजिस्टिक्स परिवहन के लिए विकसित की गई है। रेक में आधुनिक प्रणोदन और ब्रेकिंग सिस्टम के साथ पार्सल लोडिंग को आसान बनाने के लिए विशेष रोलर फ्लोर सिस्टम और स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे दिए गए हैं।

इसके अलावा रेक में तापमान नियंत्रित रेफर सुविधा, CCTV निगरानी और अग्नि पहचान प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

तेज और सुरक्षित पार्सल परिवहन की दिशा में अहम परीक्षण

कोटा मंडल में चल रही परीक्षण श्रृंखला के दौरान रेक की अलग-अलग गति और परिस्थितियों में तकनीकी क्षमता, स्थिरता, ब्रेकिंग तथा सुरक्षा मानकों का आकलन किया जा रहा है। इन परीक्षणों के परिणाम रेक की तकनीकी कार्यक्षमता और भविष्य में तेज, सुरक्षित एवं समयबद्ध पार्सल परिवहन के लिए इसकी उपयुक्तता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होंगे।

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लेखक

विशेष संवाददाता

नागरिक अभिव्यक्ति विशेष डिजिटल रिपोर्टर एवं विश्लेषक।

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