नागरिक अभिव्यक्ति । बूंदी
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और नए रोजगार अवसर सृजित करने के लिए राज्य सरकार की विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना में नए उद्योग शुरू करने के साथ पहले से स्थापित उद्यमों के विस्तार, विविधीकरण और आधुनिकीकरण के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक संजय भारद्वाज ने बताया कि वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मिलने वाले ऋण पर राज्य सरकार मार्जिन मनी अनुदान और ब्याज अनुदान देगी। मार्जिन मनी अनुदान ऋण राशि का 25 प्रतिशत या अधिकतम 5 लाख रुपए, जो भी कम हो, निर्धारित है। आवेदक को परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत स्वयं वहन करना होगा, जबकि अधिकतम 90 प्रतिशत तक ऋण मिल सकेगा। परियोजना में कार्यशील पूंजी की सीमा कुल ऋण राशि के 30 प्रतिशत तक रखी गई है।
योजना के तहत ऋण चुकाने की अधिकतम अवधि सात वर्ष होगी, जबकि ब्याज अनुदान पांच वर्ष तक मिलेगा। एक करोड़ रुपए तक के ऋण पर 8 प्रतिशत और एक करोड़ से अधिक तथा दो करोड़ रुपए तक के ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान देय होगा। महिला, एससी-एसटी और दिव्यांग उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित उद्यमों तथा निर्धारित कार्डधारक बुनकरों और शिल्पकारों को एक से दो करोड़ रुपए तक के ऋण पर एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान का प्रावधान है।
आवेदन के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी और 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग में होना आवश्यक है। एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते समय जन आधार, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और परियोजना रिपोर्ट सहित जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इच्छुक युवा योजना की अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, बूंदी में संपर्क कर सकते हैं।
