नागरिक अभिव्यक्ति । कोटा
चिकित्सा सेवा के साथ संगीत और कला के क्षेत्र में प्रतिभा दिखाने वाले डॉक्टरों के राष्ट्रीय मंच ‘Voice of Doctor Season-4’ का ग्रैंड फिनाले 4 अक्टूबर को मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आयोजित हुआ। देश-विदेश से चयनित 15 चिकित्सकों ने फिनाले में अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भव्य आयोजन में देश के जाने-माने संगीत और मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की प्रस्तुति को खास बना दिया।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में कोटा से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सदस्य डॉ. रविराज सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस बार उन्होंने प्रतियोगी के तौर पर मंच साझा करने के बजाय ज्यूरी सदस्य की जिम्मेदारी संभाली। फिनाले में पहुंचे चिकित्सक-प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को सुनना, उनकी गायन क्षमता, प्रस्तुति और समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन करना उनकी जिम्मेदारी रही।
डॉक्टरों की प्रतिभा को मंच देने वाली इस प्रतियोगिता के फिनाले में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से चयनित चिकित्सकों ने भी हिस्सा लिया। चिकित्सा के व्यस्त पेशे के बीच संगीत के प्रति अपने जुनून को जिंदा रखने वाले इन डॉक्टरों ने अलग-अलग प्रस्तुतियां देकर दर्शकों और ज्यूरी का ध्यान खींचा।
डॉ. रविराज सिंह के लिए यह आयोजन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि उन्होंने पहले चिकित्सक-कलाकार के रूप में मंच पर अपनी पहचान बनाई और अब प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल का हिस्सा बनकर प्रतिभाओं को परखने की भूमिका निभाई। IMA Kota से जुड़े डॉ. सिंह की इस भागीदारी को कोटा के चिकित्सा समुदाय के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
मुंबई के NMACC जैसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर आयोजित इस फिनाले ने यह संदेश भी दिया कि डॉक्टरों की पहचान सिर्फ अस्पताल और क्लीनिक तक सीमित नहीं है। चिकित्सा पेशे से जुड़े कई चिकित्सक संगीत, साहित्य, कला और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। ‘Voice of Doctor’ इसी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रमुख पहल के रूप में सामने आया है।
फिनाले के दौरान देश-विदेश से पहुंचे डॉक्टरों ने संगीत की विभिन्न शैलियों में प्रस्तुतियां दीं। मंच पर चिकित्सकीय पेशे की गंभीरता के साथ कलाकार के रूप में उनकी रचनात्मकता भी नजर आई। प्रसिद्ध गायकों और संगीत जगत की हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाई।
डॉ. रविराज सिंह के ज्यूरी सदस्य के रूप में शामिल होने से कोटा का नाम भी इस राष्ट्रीय मंच पर prominently सामने आया। उनकी भूमिका केवल प्रस्तुति देने तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें देशभर से पहुंचे चिकित्सक-कलाकारों की प्रतिभा का मूल्यांकन करने का अवसर मिला। इससे कोटा के चिकित्सा और सांस्कृतिक दोनों क्षेत्रों में उनकी सक्रियता को नई पहचान मिली।
