बूंदी, 28 सितम्बर। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बूंदी में स्वच्छता, सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेवा पखवाड़े के तहत रविवार को नागर सागर कुंड में स्वच्छता अभियान चलाया गया, वहीं सुखमहल में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ विद्यार्थियों को बूंदी की ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराया गया।
तीन घंटे में साफ किए दोनों कुंड
नागर सागर कुंड पर आयोजित स्वच्छता अभियान का शुभारंभ नगर परिषद सभापति भरत शर्मा ने श्रमदान कर किया। उन्होंने रामेष्ट युवा संस्थान के सदस्यों, बच्चों और कर्मचारियों के साथ दोनों कुंडों में उतरकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया।
करीब तीन घंटे तक चले अभियान में कुंडों से प्लास्टिक, फूल-मालाएं, कांजी सहित अन्य कचरा बाहर निकाला गया। युवाओं और बच्चों की सहभागिता से दोनों कुंडों की सफाई की गई।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास ने सभापति भरत शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट किया। सभापति ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत को संवारना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आमजन को साथ लेकर पर्यटन स्थलों की स्वच्छता के लिए काम किया जाएगा और इसके लिए अलग योजना बनाकर कार्य करने का प्रयास रहेगा।
अभियान में पर्यटन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ रामेष्ट युवा संस्थान के पदाधिकारी, युवा, टूरिस्ट गाइड और बच्चों ने भाग लिया।
सुखमहल में कच्छी घोड़ी नृत्य ने बांधा समां
विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन विभाग की ओर से **सुखमहल** में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। करवर के लोक कलाकारों ने लोकगीतों पर प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने ‘देख आई म्हारा बलमा' गीत पर कच्छी घोड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान छात्र-छात्राएं भी कलाकारों के साथ नृत्य करते नजर आए।
प्रश्नोत्तरी में विद्यार्थियों ने जाना बूंदी का इतिहास
विरासत से जुड़े कार्यक्रम में इंटेक के संयोजक राजकुमार दाधीच ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की। इसमें विद्यार्थियों से बूंदी के कुंड, बावड़ियों और चित्रशाला के इतिहास से जुड़े सवाल पूछे गए। विजेता विद्यार्थियों को पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक शरद व्यास और पर्यटन अधिकारी प्रेमशंकर सैनी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
इसके बाद संग्रहालय सहायक जगदीश वर्मा ने विद्यार्थियों को राजकीय संग्रहालय का भ्रमण कराया और वहां रखी मूर्तियों एवं कलाकृतियों की जानकारी दी। ओमप्रकाश शर्मा ने विद्यार्थियों को रॉक पेंटिंग की विशेषताओं के बारे में बताया।
पर्यटन स्थलों पर पहुंचे स्थानीय और बाहरी पर्यटक
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बूंदी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही रही। पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाली रानीजी की बावड़ी, सुखमहल, 84 खंभों की छतरी और राजकीय संग्रहालय को देखने बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी पर्यटक पहुंचे। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, संरक्षण और बूंदी की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का संदेश दिया गया।
